उरई। सड़क हादसे की सूचना मिलते ही जिले का संवेदनशील प्रशासन तत्काल हरकत में आ गया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह बिना देर किए राजकीय मेडिकल कॉलेज, उरई पहुंच गए। अस्पताल में भर्ती घायलों के बीच उनकी मौजूदगी ने न सिर्फ उपचार व्यवस्था को गति दी, बल्कि परिजनों के मन में भरोसे की एक नई किरण भी जगा दी।
आकस्मिक विभाग में पहुंचकर दोनों अधिकारियों ने एक-एक घायल का हालचाल जाना। जिलाधिकारी ने चिकित्सकों से उपचार की प्रगति की विस्तार से जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि हर मरीज को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि “हर जीवन अनमोल है, इलाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” दवाओं, जांचों और विशेषज्ञ परामर्श की उपलब्धता को लेकर भी उन्होंने मौके पर ही व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने अस्पताल परिसर में शांति और सुव्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि उपचार प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने अधिकारियों को हादसे के कारणों की गहन जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार कुल 07 घायलों को मेडिकल कॉलेज लाया गया, जिनमें अधिकांश की हालत अब स्थिर है। एक गंभीर रूप से घायल मरीज को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।
हादसे के बाद जिस तेजी और संवेदनशीलता के साथ प्रशासन ने पहल की, उसने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आपात स्थिति में शासन-प्रशासन जनता के साथ खड़ा है। अस्पताल में मौजूद परिजनों ने भी अधिकारियों की तत्परता और मानवीय संवेदना की सराहना की।





Leave a comment