लखनऊ/उरई।
समाजसेवी अरविन्द पहारिया (जिला प्रभारी, अनुसूचित जाति जनजाति उत्पीड़न निवारण एवं सशक्तिकरण केंद्र, जालौन) के नेतृत्व में एक टीम द्वारा उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 6 दिसम्बर 2017 एवं 6 दिसम्बर 2026 को लखनऊ स्थित अम्बेडकर महासभा में डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सम्मान में की गई घोषणाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया गया।
अरविन्द पहारिया ने बताया कि निरीक्षण के दौरान टीम ने सिहारी चेलापुर, मलकपुरा, डगरूपूरवा (दौन पंचायत), बिचौली, हरदोई राजा गुर्जर, धंतौली तथा औरेखी ग्रामों में स्थापित बाबा साहब की प्रतिमाओं एवं संबंधित व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
उन्होंने बताया कि हरदोई राजा गुर्जर ग्राम में डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा जर्जर अवस्था में तथा गंदगी के बीच स्थापित पाई गई। ग्राम पंचायत द्वारा प्रतिमा की देखरेख के लिए अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। इस संबंध में ग्राम प्रधान से संपर्क का प्रयास किया गया, किंतु वे मौके पर उपस्थित नहीं मिले। पंचायत भवन पर उपस्थित ग्राम पंचायत सचिव को मुख्यमंत्री की घोषणा से संबंधित पत्र की प्रति उपलब्ध कराते हुए बाउंड्री वॉल, छत निर्माण एवं साफ-सफाई सुनिश्चित कराने को कहा गया।
अरविन्द पहारिया के अनुसार, सचिवालय भवन में डॉ. अम्बेडकर की फोटो तो लगी पाई गई, किंतु उसमें उनकी जन्मतिथि एवं परिनिर्वाण तिथि अंकित नहीं थी। इस संबंध में भी सचिव को पत्र देकर शीघ्र सुधार करने का अनुरोध किया गया।
उन्होंने बताया कि ग्राम औरेखी में स्थित अम्बेडकर पार्क की स्थिति भी अत्यंत खराब है। पार्क में साफ-सफाई का अभाव है तथा चारों ओर घास उगी हुई है। ग्राम प्रधान से मुलाकात कर पार्क की बाउंड्री वॉल, सामुदायिक भवन, सोलर लाइट, पार्क के सामने नाला निर्माण, प्रवेश द्वार को परवई-चाकी मार्ग की ओर करने एवं छतरी निर्माण की मांग संबंधी पत्र सौंपा गया।
अरविन्द पहारिया ने बताया कि ग्राम धंतौली में डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा के निकट ही विद्युत ट्रांसफार्मर रखा हुआ है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय निवासियों ने भी पूर्व में हुई घटनाओं की जानकारी दी। इस संबंध में ग्राम प्रधान से ट्रांसफार्मर हटवाने, बाउंड्री वॉल, छत, सामुदायिक भवन एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की गई। प्रधान द्वारा बजट की कमी का हवाला देते हुए शासन से धनराशि उपलब्ध होने पर कार्य कराने की बात कही गई।
उन्होंने आगे बताया कि धंतौली के पंचायत भवन में डॉ. अम्बेडकर की फोटो नहीं लगी पाई गई, जबकि वर्ष 2017 के आदेश के अनुसार सभी सरकारी कार्यालयों में बाबा साहब की फोटो लगाना अनिवार्य है। पंचायत सचिव ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है, तथा पत्र उपलब्ध कराने पर फोटो लगाने की बात कही।
इसी क्रम में हरदोई राजा गुर्जर स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय में भी उक्त आदेश का पालन नहीं किया गया है। विद्यालय में डॉ. अम्बेडकर की फोटो न लगना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
निरीक्षण के दौरान टीम में विपिन कुमार, अजय गौतम (योगा महाराज), राजा हरीशचंद, विष्णु कांत, सत्यभान, रोहित, शिवम आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
अंत में अरविन्द पहारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए संबंधित विभागों को गंभीरता दिखानी चाहिए, ताकि डॉ. अम्बेडकर के सम्मान के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।






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