जालौन। नगर में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर की गई गंभीर शिकायत के निस्तारण पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। स्पष्ट जानकारी सामने न आने से नागरिकों में असमंजस और असंतोष का माहौल बन गया है। सामाजिक स्तर पर अब प्रशासन से पूरे प्रकरण में पारदर्शिता बरतते हुए कार्रवाई की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग तेज हो गई है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष अभय सिंह राजावत ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर योजना में अनियमितताओं, फर्जीवाड़े और अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। शिकायत में डूडा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच, कॉल डिटेल और बैंक खातों की पड़ताल कराने, अपात्र लाभार्थियों से धन की रिकवरी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।

इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शिकायत पर क्या जांच हुई, किन बिंदुओं पर कार्रवाई की गई और क्या निष्कर्ष सामने आए। इसको लेकर नगर के जागरूक नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला गरीबों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना से संबंधित है, इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह पूरी पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करे। लोगों ने मांग की है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और आमजन का विश्वास बना रहे।

नागरिकों का यह भी कहना है कि यदि मामले में किसी प्रकार की लापरवाही या लीपापोती सामने आती है, तो उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए, जिससे पात्र लाभार्थियों को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।

अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है कि वह इस गंभीर मुद्दे पर कब और किस प्रकार स्थिति स्पष्ट करता है।

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