कोंच-उरई। यहां महंत नगर में डाढ़ी रोड पर बीती रात एक विवाहिता को दहेज की खातिर उसकी ससुराल वालों ने बुरी तरह तड़पा-तड़पा 06orai05 06orai04कर मार डाला। पहले महिला की जमकर पिटाई की गई, उसके बाल तक नोंचे गये और फिर उसकी हत्या कर लाश फूंकने का प्रयास किया गया। घटना के बाद से ससुराली जन फरार हैं। सूचना पर तहसीलदार व पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव का पंचायतनामा भर कर पोस्टमॉर्टम के लिया भिजवाया है। मायके वालों ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई है।
आज तड़के यहां कस्बे के बाहरी इलाके महंतनगर में डाढी रोड पर रहने वाले राजकुमार रजक की पत्नी की लाश बुरी हालत में पाई गई। घटना स्थल की तस्वीर मृतका के साथ हुई बर्बरता की कहानी खुद प खुद ही बयां करने के लिये काफी है। मृतका डॉली की अधजली लाश उसके आंगन में पड़ी थी और ससुराली जन हादसे के बाद से फरार। लाश देखने के बाद सहज ही यह अनुमान लगाया जा सकता था कि पहले डॉली की जबर्दस्त पिटाई की गई जिसके निशान उसके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर लिखी गई दास्तां बयान कर रहे थे थे कि उसके साथ बर्बरता की सारी सीमायें लांघीं गईं होंगी। उसके सिर के बाल बुरी तरह से नोंचे गये थे और फिर उसकी हत्या कर लाश ठिकाने लगाने की गरज से उसे जलाया गया। इतना ही नहीं, लाश जलाने में जब ससुराली जन नाकाम रहे तो उसके अधजले कपड़े उसके शरीर से हटा कर दूसरे कपड़े पहनाये गये। बहरहाल, पुलिस को सूचना मिली तो सुरही चैकी इंचार्ज दरोगा दिनेश यादव मौके पर पहुंचे, तहसीलदार जितेन्द्रपाल भी पहुंच गये थे और उनकी मौजूदगी में शव का पंचायतनामा भर कर पोस्टमॉर्टम के लिये भेज दिया गया था। एसपी एन कोलांची के निर्देश पर फील्ड यूनिट की टीम ने भी आकर जरूरी साक्ष्य इकट्ठा किये। पुलिस को मौका-ए-वारदात से जले कपड़े, चप्पलें, टूटा मोबाइल, कैरोसिन की जरीकेन आदि के अलावा मृतका के नोंचे हुये बाल भी बरामद हुये हैं।
इधर, मृतका डॉली के मायके बाले भी पहुंच गये थे। डॉली के पिता रघुवीर पुत्र रामदयाल निवासी ग्राम सिंगर्रा थाना सदर बाजार झांसी ने कोतवाली ने तहरीर दी कि 11 मई 2011 को उसने पर्याप्त दान दहेज देकर अपनी बिटिया डॉली का विवाह महंतनगर निवासी राजाराम रजक के बेटे राजकुमार के साथ किया था लेकिन दहेज के लालची उसके ससुराली जन बाईक और सोने की चेन की मांग करने लगे और अपनी मांग पूरी न होते देख डॉली का उत्पीडन शुरू कर दिया। लगभग रोज ही उसकी मारपीट की जाती जिसकी शिकायत वह अक्सर फोन पर उससे किया करती थी और उसने आश्वासन भी दे दिया था कि जैसे ही उसके पास पैसा हो जायेगा उनकी मांग पूरी कर दी जायेगी लेकिन डॉली के साथ वे मारपीट न किया करें। बीती रात लगभग 11 बजे उसके पास डॉली का फोन आया कि उसके ससुराली जन उसे बुरी तरह मार रहे हैं उसे बचा लो, वह मरना नहीं चाहती। सुबह जब दामाद राजकुमार को फोन किया तो मालूम हुआ कि रात्रि में ही डॉली को मार दिया गया। रघुवीर की तहरीर पर मृतका के पति राजकुमार, जेठ आनंद रजक, जेठानी संतोषी, देवरों सुनील व अनिल के खिलाफ दहेज हत्या में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की तफ्तीश सीओ मनोजकुमार गुप्ता कर रहे हैं।

इन अबोधों को अब किसका सहारा—?
कोंच-उरई। दहेज जैसे दानव की भूख शांत नहीं होने पर विवाहिता डॉली को तो उसके ससुरालियों ने मार कर उसे तिल तिल मारने से 06orai06मुक्ति दे दी लेकिन मां की मौत के बाद उसके दो बच्चे दो साल का हर्ष और एक साल की पायल तो बिल्कुल ही अनाथ से हो गये हैं। कुछ दिनों के लिये भले ही कोई उन्हें आसरा दे दे लेकिन आखिर कब तक? जो कृत्य उनके पिता या घर के अन्य लोगों ने किया है उसके लिये उन्हें कानून के लंबे हाथ तो छोड़ेंगे नहीं और इन दोनों अबोध बच्चों को फिलहाल तो उन्हें ननिहाल के लोग अपने साथ ले गये हैं लेकिन उनका भबिष्य अंधेरे में ही दिखाई दे रहा है।

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