
उरई। लखनऊ में गुरुवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुन्देलखण्ड के दोनों मंडलों के मण्डलायुक्तों व सातों जिलाधिकारियों के साथ क्षेत्र में सूखे की समस्या से पीडि़त किसानों को राहत देने के उपायों पर चर्चा की। इसमें एकमात्र गैर सरकारी प्रतिनिधि के रूप में परमार्थ के सचिव संजय सिंह मौजूद थे। संजय सिंह ने लिखित में अपने सुझाव दिये। जिन सभी को मंजूरी देने की सहमति मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदान कर दी है।
संजय सिंह के ज्ञापन में रबी की बुवाई का क्षेत्रफल बढ़ाने के लिये नहरें तब तक चलाने जब तक कि टेल एरिया के सभी खेत संतृप्त न हो जायें की मांग की गयी। इसके अलावा सभी लघु सीमान्त किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान पर स्प्रिंकलर सेट देने, सिंचाई कूपों का गहरीकरण, तालाबों का अतिक्रमण पूरी तरह समाप्त कर उनका गहरीकरण, नलकूपों की दुरुस्ती, खाली पड़े खेतों में बंधी व तालाब का निर्माण, बुवाई से वंचित किसानों को आय संवर्धन के अन्य विकल्प प्रदान करने, उद्यानीकरण व मिनी डेयरी योजनाओं को बल देने, मनरेगा की स्पीड बढ़ाने, जल स्रोतों के पास साकपिट निर्माण आदि आग्रह मुख्य रूप से शामिल थे।







Leave a reply to Manish Cancel reply