फराह की शैक्षणिक योग्यता का बखान कर पूर्व सांसद बोले सार्थक हुआ महिला सशक्तीकरण
उरई। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये आज नाम वापसी का समय समाप्त होते ही जिलाधिकारी ने इकलौती उम्मीदवार फराह नाज को निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र दे दिया। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
गत एक जनवरी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिये नामांकन के समय फराह नाज और रूपम गौतम ने पर्चे दाखिल किये थे। नामांकन का समय समाप्त होने के बाद चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप दोनों पर्चों की उसी दिन जांच की गयी। रूपम गौतम के पर्चे में कई गम्भीर खामियां पायी गयीं। जिन्हें देखते हुए जिलाधिकारी रामगणेश ने जिला निर्वाचन अधिकारी की हैसियत से पूरे कारणों सहित निर्णय लिखकर उनका पर्चा खारिज कर दिया। हालांकि रूपम के समर्थकों और बसपा के बड़े पदाधिकारियों ने जिला निर्वाचन अधिकारी के फैसले का प्रतिवाद किया लेकिन उनके विरोध में औपचारिकता भर ही थी। जिसकी वजह से वे अपने स्टैंड पर बहुत ज्यादा जोर नहीं दे सके।
इसके बाद इकलौती उम्मीदवार होने से फराह नाज की जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर ताजपोशी तय हो गयी थी लेकिन निर्धारित प्रक्रिया को देखते हुए उन्हें प्रमाण पत्र के लिये आज नाम वापसी का समय गुजरने तक का इंतजार करना पड़ा। जिलाधिकारी रामगणेश ने अपने कक्ष में पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र यादव और समाजसेवी अनीस वेग की मौजूदगी में जब उन्हें प्रमाण पत्र सौंपा तो वहां मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार हर्ष ध्वनि की। इस अवसर पर पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने पंचायती राज में महिला सशक्तीकरण की संवैधानिक भावना को बेहद सुशिक्षित महिला को जिले का प्रथम नागरिक बनने का अवसर देकर सार्थक किया है। उन्होंने कहा कि आधी दुनिया पर इसका बहुत अच्छा असर होगा। सुशिक्षित होने के कारण फराह नाज स्वतंत्र रूप से तार्किक विकास की ओर जिले को अग्रसर कर सकेेंगी।






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