0 भाजपाइयों ने सत्ता पक्ष के दबाव में कार्रवाई करने का लगाया आरोप
उरई। धर्मांतरण मामले में प्रशासन जानबूझकर दोषियों को बचाने एवं आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई करने में जुटा हुआ है जो कि सरासर गलत है और प्रशासन जो भी कार्रवाई कर रहा है वह दूसरे वर्ग के लोगों एवं सत्तापक्ष के दबाव में कर रहा है। यह आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल के नेतृत्व में दर्जनों भाजपाईयों ने गृहमंत्री और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी रामगणेश को देते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
भाजपा के जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि कस्बा रेंढ़र निवासी अवधेश सविता जो कि कई लोगों को अब तक इसाई धर्म में परिवर्तित करवा चुका है और वह गांव के ही संगम जाटव, सुनील यादव व रवि सक्सेना सहित चार लोगों को धन का लालच देकर धर्मांतरण हेतु क्रिश्चियन इंटर कालेज कछुआ मिर्जापुर बनारस ले गया और वहां पर चर्च में बल पूर्वक चर्च के पादरी डाॅ. राजू अब्राहम, फादर बड़ोत्त ने हिंदू देवी देवताओं को पैरों से कुचलवाकर धर्मांतरण की प्रक्रिया अवधेश सविता के साथ मिलकर वहां पहुंचे चारों युवकों से करवाई। उसी दौरान संगम जाटव मौका पाकर भाग निकला। जिसने अपनी आप बीती कस्बा रेढ़र के लोगों को बताई और इसकी सूचना जिला प्रशासन को भी दी। बावजूद जब प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई तो धर्मांतरण में लिप्त अवधेश सविता को बजरंग दल के लोग ले आये और पुलिस को धर्मांतरण कराने के आरोप में जो कार्रवाई अवधेश सविता के खिलाफ करनी थी। उसे तो छोड़ दिया लेकिन उससे भी सख्त कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की गई जो कि उस आरोपी को पुलिस को सौंपने के लिए लिवा लाये थे। यहां तक कि पुलिस ने उस युवक संगम जाटव को भी नही बख्सा जिसने पूरे धर्मांतरण मामले की व्यथा लोगों को बताई थी। भाजपाइयों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने 6 बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के उपर अपहरण जैसी संगीन धाराओं में वांछित कर जेल भी भेज दिया एवं शेष बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के घर जाकर तोड़फोड़ करने से भी गुरेज नही कर रही है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर, बृजभूषण सिंह मुन्नू, गौरी शंकर वर्मा, अवध बब्बा, शम्भूदयाल अहिरवार सहित कई भाजपाई उपस्थित रहे।







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