cropped-cropped-12065564_1515048802143994_20145587447710710_n31.jpgउरई। आरक्षण बचाओं संघर्ष समिति की अल्पसंख्यक व पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की बैठक प्रदेश उपाध्यक्ष डाॅ. धर्मेंद्र कुमार की अध्यक्षता में स्थानीय बौद्ध बिहार में हुई। बैठक में बजरंग दल द्वारा धर्म के नाम पर अति पिछड़े नाई समाज के युवक अवधेश कुमार याज्ञिक को सरेआम बाल काट कर गधे में बैठाकर अपमानित करने की तीव्र निंदा व भत्सर्ना की गई। इस कृत्य को करने वालों व पुलिस प्रशासन के प्रति भी भारी आक्रोश व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने बजरंग दल पर धार्मिक उन्माद व दंगा भड़काने का आरोप लगाया।
विंग के जिला प्रभारी प्रकाश याज्ञिक व मंडल प्रभारी पीएन पाल ने संयुक्त रूप से कहा कि धर्म के नाम पर अति पिछड़े नाई समाज के युवक अवधेश याज्ञिक के साथ जो बदसलूकी की गई है उसे संगठन कतई बर्दास्त नही करेगा। उक्त द्वय ने पुलिस प्रशासन द्वारा लचर रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अवधेश को पुलिस के आला अधिकारियों के सामने गधे पर बैठाकर घुमाया गया फिर भी दोषियों को छोड़ दिया गया। इससे पुलिस के प्रति लोगों में रोष है। यदि पुलिस पहले दिन ही उपद्रवियों पर कार्रवाई कर देती तो धार्मिक उन्माद फैलाने व अति पिछड़े वर्ग के युवक को अपमानित होने से बचाया जा सकता था।
प्रदेश उपाध्यक्ष डाॅ. धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान सभी देशवासियों को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करता है अतः कोई भी किसी धर्म को स्वीकार कर सकता है या छोड़ सकता है। इसमें जोर जबर्दस्ती की कोई बात ही नही है। लोग राजनैतिक फायदे के लिए ऐसा उन्माद फैला रहे हैं। डाॅ. प्रदीप गौतम, पुनीत भारती, सुंदर शास्त्री आदि ने कहा कि हिंदू धर्म के ठेकेदारों ने कभी इस बात पर चिंतन क्यों नही किया कि हिंदू धर्म का ही दलित-पिछड़े परित्याग क्यों करते हैं। क्योंकि हिंदू धर्म में उनके साथ भारी भेदभाव व छुआछूत व जाति के आधार पर किया जाता है। इसलिए दलित-पिछड़े हिंदू धर्म का त्याग करते है। साथ ही हिंदू शंकराचार्य शूद्रों को मंदिर प्रवेश पर रोक उचित मानते हैं। उक्त बैठक में डीपी शर्मा, असफाक खान, डेनियल मर्सी, प्रेम कुशवाहा, नाथूराम बौद्ध, प्रमोद गौतम, वीरेंद्र सिंह, अंजू चैधरी, कल्पना बौद्ध, रमेश सविता शामिल रहे।

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