0 अप्रैल में ही मई जैसी हालत, पारा 43 के पार देख लोग घरों में दुबके
19orai10कोंच-उरई। भीषण गर्मी और आसमान से बरसती आग से लोग तिलमिला उठे हैं और घरों या दुकानों में दुबके हैं। ऐसे में बिजली की अनियमितता भी कोढ में खाज का काम कर रही है। हालांकि गुजरे साल के मुकाबले अबकी दफा बिजली की हालत कुछ ठीक ठाक सी दिख रही है लेकिन पीक ऑवर्स में बिजली कटौती के कारण लोग हाथपंखों के सहारे गर्मी से निपटने की कोशिशों में लगे हैं। जोलोग काम धाम निपटाने की गरज से जो सड़कों पर निकल पड़े उनकी कनपटियां लू के थपेड़ों ने सुजा कर लाल कर दीं हैं। क्या आदमी, क्या औरत सभी अपने मुंह कपड़ों में छुपाये किसी प्रकार अपने कामों को निपटाने के साथ साथ गर्मी से लडने में लगे हैं।
बैरोमीटर में पारा इतनी तेजी से उछालें मार रहा है कि आज बैरोमीटर में पारे का लेबिल मई जून की नाईं 43 के विंदु पर थिरक रहा है, इसके साथ ही भगवान भास्कर आसमान से ऐसी आग बरसा रहे हैं कि लोगों को न घरों में चैन है और न बाहर। जो घरों में हैं उनके सामने बिजली न होने की बड़ी समस्या है जिसके चलते न तो पंखे और न कूलर ही चल पा रहे हैं, लिहाजा वे हाथपंखों के सहारे गर्मी से लडने की कोशिश करते दिखे। इसके इतर जो किन्हीं कामों से घरों से बाहर निकले हैं उन्हें सीधा अग्निपिण्डों के आसमानी प्रक्षेपण का सामना करना पड़ रहा है। आलम यह है कि खुद को तरोताजा रखने की कोशिशों में वे शाीतल पेय पदार्थों का दामन थामने को मजबूर हैं। लोगों के पूरे मुंह कपड़े से बंधे हैं लेकिन तेज धूप और भयावह तापमान में वे खुद को झुलसने से बचा नहीं पा रहे हैं। लू के थपेड़ों ने लोगों की कनपटी लाल कर के रख दी हैं। लोगों का मानना है कि अगर ऐसे में बिजली ही थोड़ा संग दे दे तो इस जानलेवा गर्मी से कुछ राहत मिले।

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