0 रेल लाओ आंदोलन का 45वां दिन
21orai05जालौन-उरई। रेल लाइन लाओ आंदोलन के 45वें दिन अनशनकारियों के नये जत्थे को माल्यार्पण कर भूख हड़ताल पर बैठाते हुए पूर्व बार संघ अध्यक्ष अवध किशोर सिंह सेंगर और उदय सिंह सेंगर मड़ोरी ने कहा कि मैं तो चला था जानिबे मंजिल, लोग आते गये कारवां बनता गया यह हाल आंदोलन में चरितार्थ देखने को मिल रहा है। जनप्रतिनिधियों और सरकारों ने समझा था कि चंद सिरफिरे लोग इस आंदोलन को कुछ दिनों चलाकर ठंडे हो जायेगे लेकिन इस आंदोलन का डेढ़ महीना गुजर जाने के बाद भी भूख हड़ताल में भागीदारी करने वालों का तांता नही टूट रहा। जिससे उनके होश निश्चित रूप से ठिकाने आ गये होंगे। इसके बाद उन्होंने दुष्यंत कुमार का शेर पढ़ा आसमां में भी सुराख हो सकता है, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो। उन्होंने कहा कि रेल लाइन लाओं आंदोलन तबियत से उछाला गया पत्थर है जो सत्ता के गहन पर्दे को भी भेदकर एक दिन अपनी मांगे पूरी कराकर रहेगा।
45वें दिन पुष्पेंद्र शर्मा बाबू, शैलेंद्र मड़ोरी, राहुल शर्मा, आलोक द्विवेदी और अंकुर द्विवेदी ने अनशन स्थल पर आसन जमाया। इसके पहले परंपरानुसार बुधवार के दिन अनशन करने वाले पंजाब सिंह गुर्जर बिरहरा, पूरन सिंह जाटव, विवेक कुमार, कुलदीप सिंह और विवेक समाधिया की भूख हड़ताल के समापन के लिए गौरव लाक्षाकार ने उन्हें जूस पिलाया। इस अवसर पर कुसमरा के पूर्व प्रधान राजू श्रीवास्तव ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछड़े बुंदेलखंड में गौरवशाली इतिहास के बावजूद बुंदेलखंड सर्वाधिक पिछड़ा है। इससे उबरने के लिए कस्बे और क्षेत्र के लोगों को विकास हेतु संघर्ष के लिए आगे आना होगा। तांकि उनके स्वाभिमान की रक्षा हो सके। इस मौके पर मोन्टू मिश्रा, प्रद्युम्न दीक्षित, देवी दयाल वर्मा, रंजीत यादव, हरिश्चंद्र यादव, बारे कक्का, रमाकांत निरंजन, पुष्पेंद्र दूरवार, बउआ महाराज, इमरान अंसारी, थोपन यादव, सुरेश चंद्र सिंघल, लक्ष्मीकांत चंसौलिया, जाहिद उल्ला अंसारी, बसीउर्रहमान सिददकी, धर्मेंद्र मिश्रा, मोहन चतुर्वेदी, निशांत पाठक, अन्नू महाराज, राम करन सिंह सेंगर पूता, अनुराग निरंजन, सुरेश राव डेंगरे, अशरफ अली, उमेश दीक्षित, मंसब खान, अहमद राईन तूफानी आदि उपस्थित रहे।

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