0 जाटव महासभा के तत्वावधान में गोष्ठी का आयोजन
25orai01उरई। जाटव महासभा के तत्वावधान में अम्बेडकर जयन्ती के सिलसिले में धूमधाम से सांस्कृतिक कार्यक्रम और उनके विचारों पर संगोष्ठी बघौरा स्थित केएस पब्लिक स्कूल में आयोजित की गयी जिसमें कई जाने माने लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जाटव महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रामशरण जाटव ने की जबकि संचालन महासभा के जिला महामंत्री लक्ष्मी नारायण ने किया।
इस अवसर पर अपने सम्बोधन में उत्तरप्रदेश के पूर्व ग्राम्य विकास मंत्री चैनसुख भारती ने कहा कि बाबा साहब के छद्म भक्तों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब राजनैतिक लक्ष्यों की प्राप्ति का साधन नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक हैं। उनका अनुसरण उनकी इसी भूमिका को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिये। पूर्व जेल मंत्री अकबर अली ने कहा कि परिवर्तन विचारों से होते हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिये मानवतावादी विचार आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने इस देश में मानवतावादी विचारों को स्थापित कर शोषितों और वंचितों की मुक्ति का द्वार खोला। उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने की राजनीति करने वालों को बाबा साहब पर हक जताने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
इप्टा के जिलाध्यक्ष और प्रसिद्ध माक्र्सवादी विचारक का.देवेन्द्र शुक्ल ने कहा कि हिन्दुत्व शब्द विदेशी भाषा के अपभ्रंश संबोधन की देन है। जिसे कहीं भी अपनाना इस देश के लिये गौरव की बात नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि इसीलिये संविधान की प्रस्तावना में बाबा साहब ने इंडिया दैट इज भारत लिखकर संदेश दिया है कि भारत और भारतीयता पर गौरव जताकर ही इस देश को मजबूत किया जा सकता है। हिन्दुत्व को भारतीयता के विकल्प के रूप में स्वीकारना मान्य नहीं हो सकता। पत्रकार केपी सिंह ने कहा कि बाबा साहब अपने विचारों की व्यापकता के कारण आज सारे विश्व में मान्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के विचार दूरगामी हैं जिन पर अमल करके यह देश बहुत आगे जा सकता था लेकिन पूर्वाग्रहों के चलते लम्बे समय तक उनकी उपेक्षा की गयी। आज उनका मजबूरी में सब जगह गुणगान हो रहा है।
अध्यक्षीय भाषण में रामशरण जाटव ने कहा कि जाटव महासभा के माध्यम से बाबा साहब के विचारों को मूर्त रूप देने का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के चित्र लगाने और उन पर माल्यार्पण करके अपने कर्तव्य की इतिश्री उनके प्रति आस्था रखने वाले लोगों को नहीं करनी चाहिये। इससे ज्यादा बड़ी बात है कि वे बाबा साहब के विचारों को कार्य रूप देने में मिशनरी भावना से जुटें। कार्यक्रम में चन्द्रभान सिंह बारा पूर्व जिलाध्यक्ष बसपा, कु.अंजू चैधरी, विद्याराम आजाद, वीरेन्द्र कुमार सिंह एडवोकेट, माता प्रसाद प्रधानाचार्य, रामप्रकाश कुशवाहा, नाथूराम बौद्ध, रामभरोसे कुशवाहा, अंशुमन सिंह सेंगर आदि ने भी विचार व्यक्त किये। आभार प्रदर्शन कार्यक्रम संयोजक और जाटव महासभा के उपाध्यक्ष रामसनेही बाबूजी ने किया। डा.देवेन्द्र, इं.मनमोहन जाटव आदि की भी उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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