0 विरोधियों से फर्जी शिकायत ले निषेधाज्ञा लगायी
0 दरोगा की करतूतों की शिकायत मीडिया ने की एएसपी से
कलपी-उरई। कालपी कोतवाली में तैनात दरोगा उमेश सिंह कब किसी व्यक्ति के विरोधी से झूठी तहरीर लेकर उस पर एकपक्षीय कार्रवाई कर उसके लिये मुश्किलें खड़ी कर दें कुछ नहीं कहा जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति का विरोध दरोगा को कुछ चढ़ौती चढ़ा दे तो वह दो कदम आगे चलकर विरोधी को क्षेत्र का सबसे बड़ा अपराधी बनाने का आश्वासन भी देने से नहीं चूकते।
ऐसा ही एक मामला विगत दिवस कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम शेखपुर बुल्दा (मदारपुर) निवासी पत्रकार पवनदीप निषाद के साथ घटित हुआ है। उन्होंने 11 मार्च 2016 को दरोगा उमेश सिंह के हल्का क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार से संबंधित खबर प्रकाशित करने का साहस दिखाया था तभी से उक्त दरोगा पत्रकार निषाद से खुन्नस मानने लगा था। दरोगा के खुराफाती दिमाग में क्या चल रहा है इस बात से पत्रकार अनभिज्ञ रहा। दरोगा उमेश सिंह ने पत्रकार पवनदीप निषाद के विरोधी दयाशंकर उर्फ पप्पू निषाद, विजय पुत्रगण कालका प्रसाद, अखिलेश कुमार उर्फ एमएलए, कैलाश, बबलू पुत्रगण बालकराम निवासीगण शेखपुर बुल्दा से सांठगांठ कर अपनी व्यक्तिगत खुन्नस निकालने के लिये फर्जी घटना को दर्शाते हुये तहरीर ले ली और फिर पत्रकार पवनदीप निषाद व उसके भाई कुलदीप निषाद के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई कर दी। जबकि दरोगा ने जिन लोगों से षड़यंत्र रचकर तहरीर ली दी उक्त मामले में बताया जाता है कि उक्त लोगों में तीन पेशे से ट्रक चालक जो गांव में रहते है। जो गांव के ही प्राचीन व्यास मंदिर परिसर में बने मिलन केंद्र में मीट बनाकर शराब पी रहे थे जिसे पत्रकार ने भाई कुलदीप ने देख लिया और उन्हें ऐसे पवित्र स्थान पर शराब व मांस का सेवन करने से रोका तो उस दौरान तो सभी लोग शांत रहे लेकिन जब अंगूरी का नशा चढ़ा तो वह देर रात पत्रकार के आवास पर जा धमके और गाली गलौज कर जानमाल की धमकियां देते हुये तमंचा लहराते हुये चले गये। इसी मामले की तहरीर देने 25 अप्रैल को पत्रकार का भाई कुलदीप निषाद प्रातः 8 बजे कोतवाली में पहुंचा तो दरोगा उमेश सिंह ने कुलदीप को ही बैठा लिया। चूंकि उक्त मामले में आरोपियों ने पहले से ही उक्त दरोगा से सांठगांठ कर फर्जी तहरीर दे दी थी। लेकिन दरोगा की हिम्मत तो देखिये वह मामले की जांच करने न तो गांव में गया और न ही ग्रामीणों से जानकारी की और पत्रकार व उसके भाई के विरुद्ध एकपक्षीय शांतिभंग की कार्रवाई कर दी। दरोगा द्वारा मनगढ़ंत घटना को लेकर की गयी कार्रवाई के संबंध में आज अनेकों पत्रकारों ने अपर पुलिस अधीक्षक शकील अहमद को प्रार्थना पत्र देते हुये दरोगा के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की।






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