0 सत्तादल के नेताओं की नींदें उड़ा रखीं हैं इन सड़कों ने
0 विरोधी इस ज्वलंत मसले को भुनाने में जुटे
कोंच-उरई। मिशन 2017 को लेकर सत्तादल के लोग लाख विकास का ढिंढोरा पीटते फिर रहे हों लेकिन उनकी कलई जिले की बदहाल सड़कों ने ऐसी खोली है कि नेताओं की इस मुद्दे पर बोलती बंद है। जो थोड़ी बहुत जुबान अगर वे हिलाते भी हैं तो महीे दो महीने में उनकी पोल पट्टी खुल कर जनता के सामने आ जाती है और वे अपने ही बयानों के भंवर जाल में फंसे नजर आने लगते हैं। सत्ताधारी यह बात भली भांति जानते भी हैं कि अबकी दफा जिले की यह छिन्न भिन्न सड़कें चुनाव में गर्मागर्म सियासी और चुनावी मुद्दा बन कर जिन्न की भांति उनका पीछा करेगा, सो कल यहां गहोई भवन में निपटी सपा की बैठक में पार्टी संगठन और प्रत्याशी की ओर से कार्यकर्ताओं को भरोसे में लेने का प्रयास किया गया कि चुनाव से पहले सड़कें बन जायेंगी। न केवल मुख्य मार्ग बल्कि संपर्क मार्गों की भी बुरी गत होने के कारण ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय तक आने में दांतों पसीना आ जाता है। विरोधियों के पास भी अबैध खनन के अलावा सड़कों का मुद्दा भी अनायास ही हाथ लग गया है जिसे भुनाने में वे कोई कोर कसर नहीं उठा रखेंगे।
जिले की कमोवेश सभी सड़कों का बुरा हाल है, खासतौर पर कोंच को जिले के अन्य क्षेत्रों से जोडने बाली सभी सड़कें जिस जर्जर हालत में हैं उन्हें देख कर सरकारी पार्टी के दोबारा सत्ता में आने के मंसूबों पर पानी फिरता दिखाई देता है। दोबारा से लखनऊ फतह का सपना संजो रही सत्ताधारी सपा को डर सता रहा है कि इन खस्ताहाल सड़कों को लेकर दिये गये अब तक के उनके बयान कोरी लफ्फाजी साबित हुये हैं और बार बार जनता को भरमाया नहीं जा सकता है। कोंच-उरई, कोंच-एट, कोंच-नदीगांव, कोंच-जालौन, कोंच-कैलिया, कोंच-तीतरा, कोंच-महेशपुरा, कोंच-पहाडगांव सड़कों पर वाहनों और पदयात्रियों की जो गत बनती है उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में सपा सरकार विकास का जो ढिंढोरा श्विकास किया है, विकास करेंगे्य का पीट रही है उसे सुन कर और दूसरों को सुना कर सपाई भले ही ढीठपन की हंसी हंस कर अपना दर्द छिपाने की कोशिश करते दिखते हों लेकिन अंदर ही अंदर उन्हें भी डर सता रहा है कि आखिर वे जनता को कैसे समझा पायेंगे कि गुजरे चार सालों में भी इन सड़कों की बदहाली दूर करने की कोशिश क्यों नहीं की गई। जनता की छोड़ों, सपा अपने ही कार्यकर्ताओं को ही संतुष्ट नहीं कर सकी है। कल यहां निपटी सपा की बैठक में संगठनकर्ताओं को न चाहते हुये भी कार्यकर्ताओं के बीच यह कहना पड़ा है कि चुनाव से पहले तक सड़कें बन जायेंगी। यह महत्वपूर्ण इस लिये भी है कि बैठक एजेंडे में सड़कें नहीं थीं लेकिन पार्टी संगठनकर्ता जानते हैं कि जब उनके उनके कार्यकर्ता जनता के बीच सपा के द्वारा कराये गये विकास की बात करेंगे तो जनता भी सड़कों को लेकर प्रतिप्रश्न दागेगी जिनसे बचना मुश्किल है।
टेंडर लगते ही काम शुरू हो जायेगा
टूटी फूटी सड़कों को लेकर हालांकि सपा जिलाध्यक्ष पहले भी कई बार अब बनी कि तब बनी जैसे बयान दे चुके हैं और उनकी बात धरातल पर आने को राजी नहीं हुई, लेकिन अबकी दफा उन्होंने पुख्ता तौर पर कहा है कि उरई-कोंच, उरई-कोटरा और कोंच-एट मार्गों के टेंडर प्रक्रिया में हैं। जैसे ही प्रक्रिया पूरी होती है, सड़कों के निर्माण का कार्य शुरू हो जायेगा। उन्होंने तो यहां तक दावा किया है कि विधानसभा चुनाव के पहले सड़कें बन कर तैयार भी हो जायेंगीं।
सड़कों की समस्या मुख्यमंत्री के संज्ञान में डाली गई है
माधौगढ विस क्षेत्र से घोषित सपा के अधिकृत प्रत्याशी लाखनसिंह कुशवाहा ने कल की पार्टी बैठक में कार्यकर्ताओं की नब्ज पहचान कर इन बदहाल सड़कों पर अपना मुंह खोला, कहा कि सड़कों की बदहाली की तस्वीर वह मुख्यमंत्री को भी दिखा चुके हैं और इनके निर्माण का न सिर्फ भरोसा मिला है बल्कि जल्दी ही काम शुरू भी हो जायेगा, खासतौर पर उरई-कोंच रोड का। जैसा कि उन्हें बताया गया है, एट-कोंच सड़क नाबार्ड को मिली है और इस पर भी जल्दी ही काम लग जायेगा।
बिल्कुल नाकारा साबित हुई सपा सरकार
कांग्रेस सड़कों की इस हालत को लेकर खासी खफा है, पार्टी जिला उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा हरदोई कहते हैं सपा सरकार में माफियाराज हावी रहा है और गुजरे चार सालों में उसका पूरा फोकस लाल सोने की लूट पर रहा है। समूचे बुंदेलखंड की नदियों को खोखला कर दिया है और जब हजारों ट्रक ओवरलोड बालू के इन सड़कों पर दिन रात धमाचैकड़ी मचायेंगे तो सड़कों की यह गत तो होनी ही थी। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण को लेकर सपा के नेता केचल जनता को भरमाने की कोशिश कर रहे हैं, यही सड़कें सपा सरकार के ताबूत में आखिरी कील का काम करेंगीं।
लोगों का भरोसा टूटा है सरकार की कार्यप्रणाली से
आम जनता या राजनैतिक संगठन ही नहीं बल्कि ब्राह्मण महासभा जैसे अराजनैतिक संगठन भी इन सड़कों की दुर्दशा को लेकर आहत हैं। महासभा अध्यक्ष देवीदयाल रावत का कहना है कि विकास के जिन मुद्दों को लेकर सपा ने जनता का वोट लिया था वह विकास इस जिले में तो कहीं भी नहीं दिखाई देता है। चार साल जैसा लंबा यिासी सफर पूरा करने के बाद भी यहां की बदहाल सड़कें बताती हैं कि सरकार की कार्यप्रणाली ने जनता का भरोसा तोड़ा है। जब यह सड़कें चार साल में नहीं बन सकीं हैं तो अब क्या बन पायेंगीं।







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