(डाॅ. राकेश द्विवेदी )
उरई। कांग्रेस के पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी पीके टीम के नियमों पर भारी पड़ गये। नियम बनाया गया था कि फोरलेन से दूरवर्ती जगह पर राहुल गांधी का न तो रोड-शो कराया जायेगा और न ही खाट सभा। लेकिन कांग्रेस में सेवाओं और अपनी धमक की बदौलत विनोद चतुर्वेदी ने इन मानकों से परे होने के बावजूद कोंच में उनकी खाट सभा का कार्यक्रम तय करा दिया।
फोरलेन से कोंच की दूरी 13 किलोमीटर है। इस लिहाज से किसी भी सूरत में राहुल गांधी के कोंच में किसी कार्यक्रम को हरी झंडी नही दी जानी चाहिए थी। यही कारण है कि पीके टीम 23 अगस्त को जब राहुल के रोड-शो और खाट चैपाल के स्थान तय करने आई थी तो उरई और कालपी ही उसके लिए पसंदीदा बने थे। जबकि फोरलेन से दूरी के कारण कोंच में कार्यक्रम के प्रस्ताव को उसने खारिज कर दिया था। इसकी जानकारी होने पर पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी निर्णय बदलवाने के लिए सक्रिय हो गये। चूंकि कोंच, माधौगढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में है जहां से विनोद चतुर्वेदी इस बार चुनाव लड़ना चाहते हैं। 37 वर्षों से पार्टी की अटूट सेवा कर रहे विनोद चतुर्वेदी के लिए आखिर कांग्रेस नेतृत्व को अपना क्राइटेरिया बदलकर कोंच में खाट सभा की सहमति देनी पड़ी। इससे एक बार फिर पार्टी में विनोद चतुर्वेदी की कददावर हैसियत पर मुहर लगी है।






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