17orai03उरई। होमगार्डस के साथ थानों में घरेलू नौकर की तरह काम लिये जाने की हरकतों से शासन और अधिकारियों के सख्त निर्देशों के बावजूद खाकीधारी बाज आने को तैयार नही हो रहे। नदीगांव थाने में दीवान ने एक होमगार्ड से झूठे बर्तन धोने के लिए कहा। जब होमगार्ड ने उसकी यह बात नही मानी तो उसने मां-बहन की गाली देते हुए उसे लात-घूंसों से मारते हुए थाने से भगा दिया। होमगार्डस एसोसिएशन ने आज इस मुददे पर विकास भवन में बैठक कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
होमगार्डस की ड्यूटी जनसुरक्षा के संवेदनशील दायित्व से जुड़ी हुई है लेकिन उनके साथ थानों में जो अपमानजनक व्यवहार होता है उससे उनके मनोबल में आने वाली गिरावट की वजह से वे अपनी ड्यूटी से न्याय नही कर पाते। इसी के मददेनजर शासन और अधिकारी समय-समय पर होमगार्ड से गरिमापूर्ण व्यवहार के लिए थानों को चेताते रहते हैं लेकिन थाने के अधिकारी हैं कि सुधरने को तैयार नहीं हैं। नदीगांव थाने में सामंती मानसिकता से ओतप्रोत दीवान कमलाकांत ने गत् दिनों छोटी सिकरी थाना कोंच के निवासी होमगार्ड अर्जुन सिंह (262) को अपने जूठे बर्तन धोने के लिए आदेशित करना चाहा लेकिन जब अर्जुन सिंह ने यह काम करने से मना किया तो लात-घूंसों से मारपीट कर दीवान ने उसे बुरी तरह जलील किया। आहत होमगार्ड ने थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार से शिकायत की। जिस पर उन्होंने लिखित प्रार्थनापत्र मांगा। लेकिन लिखित प्रार्थनापत्र दिये हुए कई दिन गुजर जाने के बावजूद आज तक दोषी दीवान पर कोई कार्रवाई नही हुई।
इसे लेकर शनिवार को विकास भवन में होमगार्डस अवैतनिक अधिकारी व कर्मचारी एसोसिएशन की बैठक जिलाध्यक्ष कोमेश कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई जिसमें उक्त दीवान के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने, जनपद के सभी थानों में होमगार्डस के लिए अलग बैरिक व्यवस्था की मांग और डकोर कंपनी के होमगार्ड सुरेंद्र सिंह की कलेक्ट्रेट में एनआईसी में ड्यूटी करते समय गुमशुदगी और एक सप्ताह से अधिक समय से उसका पता न मिलने की जांच के प्रस्ताव पारित किये गये।
बैठक में अहमद कमाल, शेष नारायण, घनश्याम दास, मुन्नीलाल, धर्मेंद्र सिंह सेंगर, नारायण प्रसाद, छत्रसाल सिंह, कमलेश राठौर, कल्याण सिंह आदि मौजूद थे।

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