उरई। कानून की आंखों में धूल झोंककर कई वर्षों से संचालित हो रही फर्जी डिपोजिट कंपनी जीसीए के लहरियापुरवा स्थित दफ्तर में सोमवार को अपनी रकम वापसी के लिए महीनों से चक्कर लगा रहे लोगों ने जमकर बवाल काटा और तोड़फोड़ की।
जीसीए कंपनी जिससे कई सफेदपोश भी जुड़े हुए हैं बैकिंग कानून को ताख पर रखकर लोगों से उनकी मेहनत की कमाई ऊंचे ब्याजदर के लालच में डिपोजिट करा रही थी। उसकी पोल उस समय खुलने पर आ गई जब कंपनी समय पूरा हो जाने के बावजूद लोगों की एफडी का पैसा लौटाने में आनाकानी करने लगी। कई लोग तो दो साल से बराबर चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अधिकारी तक उनकी नही सुन रहे हैं क्योंकि एक प्रमुख राजनैतिक पार्टी का प्रत्याशी पर्दें के पीछे से इसका सूत्रधार बना हुआ है। जिसके दबाव में अधिकारी कोई कार्रवाई नही कर पाते।
बहरहाल ठगे हुए लोगों ने आज जीसीए के दफ्तर में जमकर उपद्रव किया। आॅफिस में मौजूद कई लोगों की उग्र भीड़ ने पिटाई तक कर डाली। इस बीच रसूखदार ने एसपी को फोन करके अपनी गैर कानूनी मदद के लिए पुलिस भेजने की गुजारिश की लेकिन सूझबूझ के धनी एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने उन्हें टाल दिया।
लोगों में इस बात की चर्चा रही कि चुनाव के मौके पर एक डिफाल्टर कंपनी के कर्ताधर्ता को प्रत्याशी बनाने वाली राजनैतिक पार्टी का जनपद के ठगे हुए लोग क्या हश्र कर सकते हैं इसकी जानकारी उस पार्टी के मुखिया तक जरूर पहुंचाई जायेगी। इस चर्चा से संबंधित पार्टी के जिले के जिम्मेदार लोग भी विचलित नजर आये।






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