29orai05उरई। पूर्वांचल के माफिया को छुड़ाने के लिए पुलिस पर गोलियां चलाने वाले आरोपितों को पुलिस ने बड़ी मात्रा में असलहों के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया है लेकिन इस घटना की वास्तविकता को लेकर पुलिस पर संदेह की उंगलियां भी उठ रही हैं।
गौरतलब है कि मिर्जापुर का कुख्यात शार्पशूटर रिंकू उर्फ विनोद पाण्डेय उरई जेल में निरुद्ध है। उसे मिर्जापुर की जिला अदालत में पेशी के लिए ले जाया गया था। 26 सितंबर को जब उसे मिर्जापुर से वापस जिला कारागार के लिए लाया जा रहा था तभी यह घटना होना बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक उपनिरीक्षक कायम सिंह और फोर्स की कस्टडी में चल रहे रिंकू पांडेय को उसके साथियों ने पहले मिर्जापुर में ही छुड़ाने का दुस्साहसिक प्रयास किया। लेकिन जब कामयाब नही हो पाये तो वे पुलिस के वाहन के पीछे लग गये। आटा टोल प्लाजा के पास मौका मिलने पर उन्होंने पुलिस पर फायरिंग करके रिंकू को छुड़ाने का दुस्साहसिक प्रयास किया जिसका पुलिस की टीम ने दिलेरी से जबाव दिया। जिससे वे कामयाब नही हो सके।
किसी तरह पुलिस टीम रिंकू को उस दिन सकुशल जेल के अंदर दाखिल कराने में सफल रही। इस बीच बनारस के नंबर की बुलेरो जीप में हमला करने वाले उसके साथियों की मदद के लिए कायम सिंह ने एसपी से गुहार की। इसके बाद एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए स्वाॅट टीम प्रभारी अरुण कुमार तिवारी ने झांसी चुंगी तिराहे के पास बताये गये नंबर यूपी 65 एएक्स 6952 को घेर लिया। बुलेरो जब्त करने के साथ-साथ उसमें बैठे रिंकू गैंग के चार सदस्य पुलिस ने धर दबोचे जबकि एक भाग निकला जिनके पास से फैक्ट्रीमेड दुनाली बंदूक, दो तमंचे व दो ग्रेनेड बरामद होने का दावा पुलिस द्वारा किया गया है। एसपी एके त्रिपाठी ने कान्टैक्ट किलर को छुड़ाने के प्रयास को बहादुरी से नाकाम करने के इनाम बतौर कायम सिंह को आज मंडी चैकी का चार्ज देने की घोषणा भी पत्रकार वार्ता में की।
दूसरी ओर आरोपित पक्ष पुलिस की इस कहानी को मनगढ़ंत करार दे रहा है। आरोपितों का कहना है कि मिर्जापुर में अदालत परिसर में नियमानुसार रिंकू की हथकड़ी न खोलने की वजह से उनका विवाद अभिरक्षा में उसे लिए पुलिस के लोगों से हो गया था। जिस पर उन्होंने रिंकू को रास्ते में देख लेने की धमकी दी थी। इसी वजह से वे लोग उसे सुरक्षित जेल तक विदा करने के लिए उसके पीछे चल रहे थे। उनका यह भी कहना है कि पुलिस कार्रवाई में फरार बताया जा रहा रिंकू का भाई गुंजन पांडेय इंदौर में रहता है जो उनके साथ कही नही था। उसे भी आरोपित कर दिया गया है जिससे इसमें किसी बड़ी साजिश की आशंका है। आरोपितों के बयान में कितनी सच्चाई है यह तो नही कहा जा सकता लेकिन 26 सितंबर को आटा के पास हाइवे पर बदमाशों और पुलिस के बीच गोलीबारी की घटना किसी स्वतंत्र राहगीर द्वारा न बताई जाना उनके आरोप को बल प्रदान करता लगता है।

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