उरई। लगभग एक साल बाद नये चुने गये प्रधानों को काम करने की ट्रेनिंग देने की सुध जिम्मेदारों को आई। वंशीधर महाविद्यालय में इसके लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन शनिवार को किया गया। इसमें उन्हें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं में पंचायत की भूमिका की जानकारी दी।
जिलाधिकारी संदीप कौर ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए प्रधानों से कहा कि वे सरकार द्वारा निर्धारित वरीयता के मुताबिक कार्य करायें। उन्होंने कहा कि मूलभूत सुविधाओं के मामले में लोगों में किसी भी तरह की परेशानी खत्म करना उनकी सबसे अहम जिम्मेदारी है। इसमें कोई कोताही नही बरती जानी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अक्टूबर का महीना कई धार्मिक त्यौहार होने की वजह से संवेदनशील है। जिसको देखते हुए प्रधानों को सतर्कता बरतनी चाहिए तांकि उनके गांव में किसी भी तरह की खुराफात को पनाह न मिल पाये। उन्होंने कहा कि अराजक तत्वों की सूचना प्रधान अपने क्षेत्र के थाने में तत्काल दें। पुलिस उनकी मदद करेगी।
जल निगम के अधिशाषी अभियंता सुखलाल ने कहा कि प्रधान जल कर की वसूली में कोई ढील न दें तांकि पेयजल परियोजना का रखरखाव दुरुस्त रह सके। उन्होंने हैंडपंप की मरम्मत के लिए पंचायत को जिम्मेदार बताया और प्रधानों से कहा कि वे इस जिम्मेदारी से किसी भी तरह से न मुकरें। मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए चित्रसेन सिंह, उपायुक्त मनरेगा पीएस चंद्रोल, उपायुक्त राष्ट्रीय आजीविका मिशन अशोक कुमार गुप्ता, जिला पंचायत राज अधिकारी सरफराज आलम आदि ने भी प्रधानों को प्रशिक्षण दिया।






Leave a comment