उरई। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कालपी विधानसभा क्षेत्र की स्थिति को लेकर असमंजस में हैं। डिजिटल मीडिया पर सपा के प्रत्याशियों की सूची कुछ ही दिन पहले वायरल हुई। जिसे सोशल मीडिया पर भी शेयर किया गया। इसमें कालपी विधानसभा क्षेत्र से दोबारा विष्णुपाल सिंह नन्हू राजा का नाम दिया गया है। जबकि नन्हू राजा के पार्टी से निष्कासन के फैसले को अभी तक बदले जाने की कोई घोषणा नही हुई। इस वजह से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का भ्रम और ज्यादा बढ़ रहा है।
समाजवादी पार्टी ने पहली सूची में ही जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी घोषित कर दिये थे। जिनमें माधौगढ़ से लाखन सिंह कुशवाहा और कालपी से विष्णुपाल सिंह नन्हू राजा का नाम शामिल था। जबकि उरई विधानसभा सीट पर सदर एमएलए दयाशंकर वर्मा के बारे में पार्टी ने इस नीतिगत धारणा के कारण चुप्पी साध ली थी कि सिटिंग एमएलए वाली सीटों पर प्रत्याशी बाद में तय किये जायेंगे।
प्रत्याशी के रूप में नाम की घोषणा के बाद नन्हू राजा और लाखन सिंह अपने-अपने क्षेत्रों में तूफानी जनसंपर्क करने में जुट गये थे। इस बीच जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के घटनाक्रम के चलते पार्टी ने नन्हू राजा को निष्कासित कर दिया। हालांकि निष्कासन के बाद से अभी तक नन्हू राजा ने कहीं बागी सुर नही निकालें हैं। बल्कि वे सपा सुप्रीमों से अपने पारिवारिक रिश्ते की दुहाई देते हुए बराबर यही कह रहे हैं कि अपनी पार्टी से कभी अलग नही हो सकते।
लेकिन निष्कासन के बाद न केवल उन्होंने जनसंपर्क को विराम दे दिया है बल्कि उनके लिए कालपी विधानसभा क्षेत्र में जोश के साथ जुटे पार्टी के आम कार्यकर्ता भी ठंडे पड़ गये हैं। इस बीच दूसरी पार्टियों की बढ़ती सरगर्मी से उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है। लेकिन न तो पार्टी उनका निष्कासन खत्म कर रही है और न ही किसी दूसरे प्रत्याशी के नाम का एलान किया जा रहा है।
डिजिटल मीडिया पर साया हुई सूची को लेकर इसी कारण यह सवाल उठा है कि यह नये सिरे से जारी की गई सूची है अथवा लापरवाही में पुरानी सूची ही रिपीट कर दी गई है। सूची को प्रसारित हुए एक सप्ताह से अधिक का समय गुजर चुका है लेकिन पार्टी की ओर से इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नही आया है। जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह यादव ने पार्टी की मंशा के बारे में कुछ कह पाने में असमर्थता प्रकट की।






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