0 प्रातः 5 बजते ही नेशनल हाइवे के चिन्हित स्थान पर नजर आते
0 खास ट्रैफिक सिपाहियों से जिले की सीमा में इंट्री के नामकरते वसूली
01orai06उरई। टीएसआईका नेशनल हाइवे प्रेम आजकल नगर में ही नहीं बल्कि पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर की यातायात व्यवस्था को भगवान भरोसे छोड़कर टीएसआई वीरेंद्र यादव प्रातः 5 बजते ही नेशनल हाइवे के कुछ चिन्हित स्थानों पर अपने खास टैªफिक सिपाहियों केसाथ आने जाने वाले ट्रकों से जनपद की सीमा से निकासी के नाम परअवैध वसूली करते कभी भी देखे जा सकते हैं। जहां से निर्धारित कोटापूरा कर वह आरामगाह में आराम फरमाते और अधिकारियों की नजरों मेंहीरो बनने का ढोंग कर इक्का-दुक्का वाहनों का चालान कर कागजी कार्यवाही पूरी करने में लगे हुये हैं।
गौरतलब हो कि नगर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने की जिम्मेदारी टीएसआई वीरेंद्र यादव की जो अपने ट्रैफिक सिपाहियों के साथ वाहनों की यातायात व्यवस्थाओं को बनाये रखे। लेकिन अक्सर ही शहरके प्रमुख चैराहों से गायब रहकर प्रातः 5 बजे से नेशनल हाइवे पर सरकारी गाड़ी के साथ कुछ खास ट्रैफिक सिपाहियों के साथ एनएच की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने में सबसे ज्यादा समय दे रहे हैं। सवाल यह उठता है कि नेशनल हाइवे पर तो वैसे भी यातायात व्यवस्था सुचारू तरीके से चलती रहती है फिर उनकी प्रातः 5 बजे से मौजूदगी पर सवालिया निशान उठने लगे हैं। जब टीएसआई के नेशनल हाइवेप्रेम के बारे में कुछ ट्रैफिक सिपाहियों से जानकारी करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने संकोच करते हुये टीएसआई वीरेंद्र यादव ट्रैफिक के तीन सिपाहियों जिसमें अशोक यादव के साथ दो अन्य सिपाही है उनको ही अपने पास रखते हैं बकाया ट्रैफिक सिपाहियों को वह नगरके प्रमुख चैराहों पर यातायात व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी सौंप दी है। ऐसी स्थिति में नगर में कई प्वाइंट ऐसे हंै जहां जाम की समस्या बनी रहती है वहां पर हम लोग चाहकर भी नहीं पहुंच पाते हैं। यदि हमलोग चैराहे की ड्यूटी छोड़कर दूसरे स्थान पर पहुंचेंगे तो यहां की व्यवस्था को कौंन संभालेगा। अब चूंकि त्यौहारों के अवसर पर तो वैसेभी आम दिनों की अपेक्षा बाजार में भीड़भाड़ ज्यादा होती है ऐसी स्थिति में टीएसआई वीरेंद्र यादव को नेशनल हाइवे प्रेम का मोह त्यागकर नगर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की ओर ध्यान देना चाहिये ताकि नगर की जनता को हमेशा ही जाम के झाम में फंसकर यातायात व्यवस्था कोसती रहती है उसे इस संकट से छुटकारा मिल सके।

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