02orai09उरई। कोटरा क्षेत्र के बरसार में सात महीने पहले शुरू हुई पाइप्ड पेयजल परियोजना गांव वालों को कोई सहूलियत नही दे पा रही है। लगभग एक पखवारे पहले इसका ट्रांसफार्मर घटिया होने की वजह से दम तोड़ गया। जिसके बाद से आपूर्ति ठप्प है। क्योंकि बिजली विभाग वाले फुंका ट्रांसफार्मर तो उठा ले गये है लेकिन हमेशा की तरह नया ट्रांसफार्मर तत्काल लगाने का ख्याल वे नही कर पा रहे।
गांव के प्रधान अरविंद कुमार ने बताया कि लंबे संघर्ष के बाद मिले पाइप्ड पेयजल परियोजना का वरदान नाकाम साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार इस परियोजना को दीमक बनकर शुरू होने के पहले ही चाटने लगा था। शिवकुमार कुशवाहा ने बताया कि इसके लिए घटिया पाइप लाइन बिछा दी गई थी जो जगह-जगह रिसती है। जिससे कई घरों में पानी नही पहुंचता। जगह-जगह कीचड़ और हो जाता है। धर्मपाल ने कहा कि पाइप लाइन के आसपास बालू डाली जानी चाहिए थी जिससे लीकेज की स्थिति में प्रदूषण नही होता लेकिन ऐसा नही किया गया। सुरेश शर्मा और महेंद्र ने बताया कि पाइप लाइन ही नही टंकी भी घटिया है जो कई ओर से रिसती है।
प्रधान अरविंद कुमार ने कहा कि वे जिलाधिकारी का ध्यान इस ओर आकर्षित करायेंगे। उन्होंने कहा कि गांव वालों को सहूलियत से पेयजल मिल सके इसके लिए उनका हस्तक्षेप जरूरी है। डीएम से पेयजल परियोजना में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग भी की जायेगी।

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