0 रामलीला के अभिनय विभाग की जोरदार प्रस्तुति रही भक्त प्रह्लाद नाटक
कोंच-उरई। रामलीला महोत्सव के समापन के बाद परंपरागत रूप से अभिनय विभाग द्वारा खेले जाने बाले नाटक में बीती रात्रि भक्त प्रह्लाद नाटक का बहुत ही जोरदार मंचन कर अभिनय विभाग ने खूब वाहवाही लूटी। दैत्यराज हिरण्यकश्यपु बिष्णु द्वारा उसके भाई हिरण्याक्ष का बध किये जाने से काफी आहत है और भगवान बिष्णु से बैर बांध कर उनसे बदला लेने की भावना से अमरता का वरदान प्राप्त करने के लिये ब्रह्मा की घोर तपस्या करता है और ब्रह्मा उसे इच्छित वर प्रदान करते हैं। श्रीहरि का भक्त हिरण्यकश्यपु का बेटा प्रह्लाद अपने पिता के लाख समझाने के बाद भी विष्णु भक्ति से विचलित नहीं होता है जिसके लिये उसके पिता द्वारा उसे नाना प्रकार से प्रताड़ित किया जाता है, यहां तक कि वह अपने बेटे का जीवन समाप्त करने का भी प्रयास करता है। अंत में भगवान बिष्णु नृसिंह अवतार धारण कर हिरण्यकश्यपु का बध कर अपने भक्त का मान रखते हैं।
संगत ही गुन ऊपजै संगत ही गुन जाये की कहावत को नाटक भक्त प्रह्लाद में बखूबी चरितार्थ होता दिखाया गया। दैत्यराज हिरण्यकश्यपु जब ब्रह्मा की तपस्या में लीन था तब देवराज इंद्र उसके राज्य पर चढाई करके उसे जीत लेता है, साथ ही वह हिरण्यकश्यपु की पत्नी कयाधु को भी अपनी मिल्कियत मान उसे अपने साथ ले जा रहा था लेकिन तभी नारद ने उसे ज्ञानोपदेश दिया कि स्त्री जाति किसी की मिल्कियत नहीं है। इसके बाद नारद गर्भवती कयाधु को अपने आश्रम में प्रश्रय देते हैं और सब प्रकार से उसकी देखभाल करते हैं। वहीं प्रह्लाद का जन्म होता है और देवर्षि नारद के सानिध्य में प्रह्लाद हरिभक्ति में लीन हो जाता है। ब्रह्मा से न दिन में न रात में, न आकाश में न धरती पर, न अंदर न बाहर, न मनुष्य से और न ही पशु के द्वारा मारे जाने का वरदान प्राप्त कर हिरण्यकश्यपु इंद्र से अपना राजपाट पुनः छीन कर अपनी पत्नी और बेटे प्रह्लाद को अपने महलों में लाता है। लाख कोशिशों के बाबजूद हिरण्यकश्यपु प्रह्लाद की बिष्णु भक्ति को रंचमात्र भी नहीं डिगा पाता है। कभी पर्वत से फिंकवा कर तो कभी अपनी बहन होलिका द्वारा प्रह्लाद को अग्नि में जलाने के उसके सारे प्रयास व्यर्थ जाते हैं। अंत में स्तंभ फाड़ कर भगवान विष्णु नृसिंह अवतार में प्रकट होते हैं और हिरण्यकश्यपु का उद्धार करते हैं। पवन दांतरे द्वारा लिखित और नरोत्तम स्वर्णकार द्वारा निर्देशित तथा अभिषेक रिछारिया व मृदुल दांतरे के सांकेतिकों की भूमिका से सजे इस यादगार नाटक में हिरण्यकश्यपु की बहुत ही शानदार भूमिका सूर्यदीप सोनी, कयाधु की अतुल शर्मा, इंद्र रूपेश सोनी, विष्णु व नृसिंह की कृष्णकांत वाजपेयी, प्रह्लाद की सोम शुक्ला, शंकर शिवम बबेले, ब्रह्मा जितेन्द्र सोनी, नारद सुशील दूरवार मिरकू महाराज, शुक्राचार्य रवि द्विवेदी, आचार्य संतोष त्रिपाठी, लक्ष्मी ऋतिक याज्ञिक, शिष्य प्रथम द्विवेदी, सुकंठी गौरीशंकर झा, शुभ सोनी, सचिव धु्रव सोनी, सेनापति ऋषि झा, बिदूषक दीपू सोनी, द्वारपाल हिमांशु राठौर आदि ने पूरी ईमानदारी से निभाये। अभिनय विभाग के अध्यक्ष रमेश तिवारी ने सभी कलाकारों और रामलीला महोत्सव के दौरान किसी भी प्रकार से सहयोग करने के लिये लोगों का आभार जताया। इस दौरान रामलीला समिति के अध्यक्ष सुधीर सोनी, मंत्री सीताशरण पटेल, संयोजक पुरुषोत्तमदास रिछारिया, हरिश्चंद्र तिवारी, राहुल तिवारी, नवनीत गुप्ता, कल्लू यादव, राजेन्द्र गुप्ता आदि सहयोग कर रहे थे।
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शांति व्यवस्था के लिये प्रशासन का आभार व सम्मान
समूचे रामलीला महोत्सव में शांति और सुरक्षा व्यवस्था काफी पुख्ता रही और समूचा आयोजन निर्विघ्न संपन्न हो गया। इसके लिये रामलीला समिति ने प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुये मंच के माध्यम से उन्हें सम्मानित भी किया। सागर चैकी इंचार्ज एसआई रवीन्द्रकुमार त्रिपाठी को रामलीला समिति के अध्यक्ष सुधीर सोनी, मंत्री सीताशरण पटेल, संयोजक पुरुषोत्तमदास रिछारिया, कोषाध्यक्ष नवनीत गुप्ता, अभिनय विभाग के अध्यक्ष रमेश तिवारी, मंत्री नरोत्तम स्वर्णकार, संजय सोनी, पवन अग्रवाल आदि ने उनका माल्यार्पण किया, अंगवस्त्र ओढाया एवं श्रीफल प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। दरोगा त्रिपाठी ने अपने भावपूर्ण उद्बोधन में कहा कि उन्होंने अपनी चैबीस बर्षों की सेवा अवधि में तमाम जगह की रामलीलायें देखीं हैं लेकिन कोंच की रामलीला की बात ही निराली है। यहां जिस सेवा और समर्पण का निःस्वार्थ भाव यहां के लोगों में दिखा वह अनुकरणीय तो है ही, यहां की रामलीला को देश की अन्य रामलीलाओं से अलग एक महत्वपूर्ण स्थान पर प्रतिष्ठित करने बाला है। अभिनय विभाग के अध्यक्ष रमेश तिवारी को भी मंच के माध्यम से सम्मानित किया गया। समिति के अध्यक्ष सुधीर ने बताया है कि एसडीएम मुईनुल इस्लाम, सीओ एके शुक्ल और कोतवाल मनवीर सिंह के अनुपलब्ध होने के कारण इनका सम्मान बाद में किया जायेगा।
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