कुठौंद-उरई। जालसाजी के अडडे के बतौर बदनाम गौरव ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी के खिलाफ एक और संगीन मामला तैयार हो गया है। आरोप है कि उज्जवला योजना के गैस सिलेंडर ब्लैक करने के लिए इस एजेंसी के एजेंट गांवों में गरीबों से दस्तावेज कलेक्ट करके उनका सिलेंडर बेंच देते हैं। एक भुक्तभोगी ने इसकों लेकर आज जब थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने इस पर जांच शुरू कर दी है।
गौरव ग्रामीण वितरक गैस एजेंसी के मालिक पहले से कई संगीन आरोपों में घिरे रहे हैं। यह एजेंसी विकलांग कोटे में आवंटित है। कई शिकायतें हो चुकी हैं कि गौरव विकलांग नही हैं लेकिन इंजीनियर पिता के पुत्र होने के कारण इनकी जांच रफादफा होती रही। 2013 में उरई के रामनगर मोहल्ले की सगी बहनों के गायब होने के देश-प्रदेश में चर्चित मामले में भी गौरव को मुख्य विलेन के रूप में जेल भेजा गया था। इसके बावजूद गौरव का विवादों से नाता टूट नही पा रहा।
आज बाऊपुरा निवासी अंगूरी देवी पत्नी राजेश ने थाने में तहरीर दी। जिसमें बताया गया कि उज्जवला का फ्री गैस सिलेंडर दिलाने के लिए गौरव एजेंसी के कारिंदे उसके पास आये थे। उन लोगों ने झांसा देकर उसके कागजात ले लिये। बाद में जब काफी दिनों तक गैस सिलेंडर नही मिला तो वह एजेंसी पहुंची। इस पर बताया गया कि काफी कोशिश करने के बावजूद आपका काम नही हो पाया है लेकिन जल्दी ही पता चल गया कि सिलेंडर लेकर गैस एजेंसी मालिक ने डेढ़ हजार रुपये में बेंच दिया है। इसकी शिकायत करने पर एजेंसी मालिक ने उसकी गाली-गलौज करते हुए उसे जाति सूचक शब्द कहे और धक्का मारकर भगा दिया। थानाध्यक्ष चंद्रशेखर दुबे ने बताया कि तहरीर की जांच की जा रही है।





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