
पुखरांया। किसी ने सोचा भी नही था इस रविवार की सुबह इतनी भयानक और दर्दनाक होगी। रविवार की सुबह लोगों की जब आंख खुली तो पता चला कि झांसी-कानपुर रेल मार्ग पर इंदौर पटना एक्सप्रेस पलट गई है। ट्रेन में सफर करने वाले लोगों के परिजन इसके बाद बदहवास होकर उनसे सम्पर्क करने में जुट गये।
रविवार की सुबह इन्दौर से चलकर पटना की ओर टेªन 19321 इंदौर पटना एक्सप्रेस में सैकड़ों यात्री सफर कर रहे थे।

रात का समय होने के कारण सभी यात्री अपनी-अपनी सीटों पर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक पुखरांया और मलासा के बीच ट्रेन के कोच पटरी से उतरने शुरु हो गये। इससे पहले लोग अपनी जान बचाते कोच एक
दूसरे को ऊपर चढ़ गये। जिससे कोचों में सफर करने वाले यात्रियों में चीख पुकार मचने लगी। माता-पिता अपने-अपने छोटे-छोटे बच्चों को बचाने के लिये सीटों के नीचे छिप गयेे। सैकड़ों यात्री कोचों में फंस गये।
दूसरे को ऊपर चढ़ गये। जिससे कोचों में सफर करने वाले यात्रियों में चीख पुकार मचने लगी। माता-पिता अपने-अपने छोटे-छोटे बच्चों को बचाने के लिये सीटों के नीचे छिप गयेे। सैकड़ों यात्री कोचों में फंस गये।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जैसे ही इस घटना की जानकारी उन्हें हुई तो वे मदद के लिये मौके पर पहुंचे। मानवता और इंसानियत दिखाते हुये कोचों में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरु कर दिया।
जिनमें कोई छोटे-छोटे बच्चे थे तो कोई महिला और पुरुष व बुजुर्ग थे। कई दृश्य तो इतने वीभत्स थे कि जिन्हें देखते ही रोंगटे खड़े हो गये। कोचों में फंसे किसी यात्री के पैर कट गये तो किसी का हाथ कट गया। इतना ही नहीं वहीं दूसरी कोचों के नीचे यात्री दबे हुए थे। जो बचाव राहत कार्य में लगे लोगों ने जिन्दगी की भीख मांग रहे थे। उन्हें भी किसी प्रकार बाहर निकला गया।
जिनमें कोई छोटे-छोटे बच्चे थे तो कोई महिला और पुरुष व बुजुर्ग थे। कई दृश्य तो इतने वीभत्स थे कि जिन्हें देखते ही रोंगटे खड़े हो गये। कोचों में फंसे किसी यात्री के पैर कट गये तो किसी का हाथ कट गया। इतना ही नहीं वहीं दूसरी कोचों के नीचे यात्री दबे हुए थे। जो बचाव राहत कार्य में लगे लोगों ने जिन्दगी की भीख मांग रहे थे। उन्हें भी किसी प्रकार बाहर निकला गया।5 Attachments





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