उरई। बकरी की लूट करने वालों के खिलाफ डायल-100 पर की गई गुहार बेअसर रहने से सीएम की ड्रीम प्रोजेक्ट कही जा रही इस योजना का खोखलापन उजागर होकर सामने आ गया है।
डायल-100 को लेकर इन दिनों प्रदेश भर में बहुत समां बांधा जा रहा है। राज्य सरकार इस योजना के नाम पर अपनी पीठ चाहे कितनी भी क्यों न थपथपाये लेकिन जैसा कि पहले से अंदेशा था यह योजना कुछ ही दिनों में फ्लाॅप होने पर पहुंच गई है।
सिरसाकलार थाना क्षेत्र में शनिवार को दिनदहाड़े हुई बकरी लूट की सूचना दी जाने के बावजूद डायल-100 की कोई गाड़ी पीड़िता की मदद के लिए नही आ पाई। बाकया यह रहा कि न्यामतपुर निवासी सुमन न्यामतपुर और अभैदेपुर के बीच सड़क पर बकरियां चरा रही थी। इसी दौरान एक अल्टो गाड़ी वहां आकर रुकी और और उसमें से एक व्यक्ति नीचे उतरकर गाड़ी खराब होने का बहाना करने लगा। जब तक सुमन कुछ समझ पाती उन लोगों ने उसके सामने ही अचानक उसकी बकरी उठाकर अपनी गाड़ी में डाली और रफूचक्कर हो गये। 8 हजार रुपये की बकरी की चपत से गरीब सुमन को जो सदमा लगा उसकी वजह से वह इस घटना के कारण बेहोश होकर मौके पर गिर पड़ी।
इसी बीच सुमन के पास ही बकरी चरा रहे एक युवक ने डाॅयल-100 पर मदद के लिए काॅल की। बताया जाता है कि इस क्षेत्र में 8 किमी की रेंज में डाॅयल-100 की दो गाड़ियों का बराबर मूवमेंट रहता है। लेकिन मौके पर एक भी गाड़ी जब नही आ सकी तो महिला को न्यामतपुर चैकी पहुंचना पड़ा। इस बाबत पूंछने पर चैकी इंचार्ज पृथ्वीराज सिंह कोई जबाव न सूझने की वजह से बगलें झाकते नजर आये।

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