उरई। नसीरपुर के लाल बहादुर शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्रबंध समिति का 30 दिसंबर को प्रस्तावित चुनाव आरोपों के घेरे में आ गया है और इसे लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक की नियति पर उंगली उठाई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार उक्त विद्यालय की प्रबंध समिति को लेकर कई वर्षाें से विवाद छिड़ा हुआ है। पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक आरके तिवारी के समय प्रतिद्वंदी पक्षों द्वारा दी गई मतदाता सूची का उच्च न्यायालय के आदेश पर 20 नवंबर 2007 को उनके द्वारा परीक्षण किया गया था जिसमें पवन सिंह पक्ष के सभी सदस्य फर्जी करार दे दिये गये थे। जबकि वर्तमान प्रबंधक उदयभान सिंह की सूची पर डीआईओएस ने मुहर लगा दी थी। इस आधार पर 2009 में कराये गये चुनाव को अनुमोदित कर जिला विद्यालय निरीक्षक ने उदय भान सिंह के हस्ताक्षर खाता संचालन के लिए प्रमाणित कर दिये गये थे।
कार्यकाल पूर्ण होने पर इसी सदस्यता सूची के आधार पर गत् 14 अक्टूबर को पुनः नये चुनाव हुए जिसमें एक बार फिर उदयभान सिंह प्रबंधक निर्वाचित हो गये। उदयभान सिंह का आरोप है कि वर्तमान जिला विद्यालय निरीक्षक ने दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर उक्त चुनाव को मान्य करने से इंकार कर दिया। साथ ही 30 दिसंबर को अपने तरीके से चुनाव कराने की तिथि निर्धारित कर दी जिसमें पूर्व में फर्जी करार दिये जा चुके सदस्यों की मतदाता सूची को आधार बनाया जा रहा है।
उदयभान सिंह ने शनिवार को जिलाधिकारी के यहां इसकी शिकायत करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक के कृत्य को पूरी तरह गैरकानूनी बताया और उनसे मांग की कि वे 30 दिसंबर की चुनाव प्रक्रिया को रदद कर 14 दिसंबर के चुनाव नतीजे के अनुरूप उन्हीं के हस्ताक्षर प्रमाणित करने के निर्देश मौजूदा जिला विद्यालय निरीक्षक के लिए पारित करें तांकि न्याय की रक्षा हो सके।

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