उरई(जालौन)। भाजपा में अब दिनों दिन घमासान बढता ही जा रहा है। पार्टी के एक बब्बा पदाधिकारी की सांसद से जुगलबंदी को पार्टी के लोग चुगलबंदी का नाम दे रहे है। हालत यह है कि पार्टी पदाधिकारी ही संगठन के इस बब्बा के विरूद्ध लामबंद हो रहे है जिसकी वजह से सांसद भानुप्रताप वर्मा खुद को असहज महसूस कर रहे है।
भाजपा के सीनियर सिटीजन बब्बा वैसे तो जूनियरों की टीम में जूनियर पद लेकर बैठे है। लेकिन वह असली अक्लमंदी भाजपा सांसद के सहारे यह लगा रहे है कि भाजपा जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल पर पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश तिवारी की तरह आर्थिक अपराध के आरोप लगाकर उन्हें चलता कर दिया जाए ताकि सीनियर के नाते उन्हें ही उदयन पालीवाल की जगह जिलाध्यक्ष की कमान मिल जाए। लेकिन भाजपा की एक लाॅबी इस कूटनीतिक चाल को समझ गया जिससे उनका यह गुणा गणित फेल होता नजर आ रहा है। लेकिन भाजपा के इस बब्बा की सांसद भानुप्रताप वर्मा से जुगलबंदी की वजह पार्टी के लोग भाजपा सांसद को भी निशाने पर लेने की कोशिश कर रहे है। लेकिन सांसद भानुप्रताप वर्मा की साफ सुथरी छवि की वजह उनके विरोधी भी बैकफुट पर है। फिर भी सांसद को पार्टी के लोग यह सलाह भी देने से नही चूक रहे है कि पार्टी के इन बब्बा जी से मुक्ति पाओ नही तो ये तुम्हारा भ्ज्ञी बेड़ा पार कर देगे। क्योंकि दूसरा उदाहरण है कि पूर्वमंत्री बाबूराम एककाॅम जब तक राजनीतिक के धुरंधर रहे तब तक इन्ही बब्बा ने पूर्वमंत्री स्व. बाबूराम एमकाॅम के नजदीकी पूर्व जिलाध्यक्ष द्वय ब्रजभूषण सिंह मुन्नू व उदय सिंह पिंडारी के बीच कभी भी जुगलबंदी अपनी चुगलखोर आदतों की वजह नही होने दी। कमोबेश यहीं हाल इस समय पार्टी के इन बब्बा का भाजपा संासद के यहां भी चल रहा है। जिसकी वजह सांसद अब अपने करीबीयों को भी खोते जा रहे है। खास बात तो यह है कि जिन प्रत्याशियों की डोर वह अपने हाथ लेकर चल रहे है उन प्रत्याशियों, दावेदारों को पार्टी पदाधिकारियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।






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