0 एमपी कॉलेज में श्नैक्य को लेकर कार्यशाला का आयोजन हुआ
konch1 konch2कोंच-उरई। डॉ. संध्या रानी ने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नैक मूल्यांकन एवं प्रत्यायन प्रविधि के माध्यम से महाविद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार हेतु अवलोकन करना है तथा इसके माध्यम से यूजीसी द्वारा महाविद्यालय की प्रगति हेतु अनुदान प्राप्त किया जा सकता है। यह बात उन्होंने यहां मथुरा प्रसाद महाविद्यालय कोंच में बुधवार को नैक मूल्यांकन एवं प्रत्यायन प्रविधि विषयक कार्यशाला के आयोजन के दौरान कही।
महाविद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के आजीवन अध्यक्ष पं. जगत नारायण दीक्षित की अध्यक्षता एवं डॉ. संध्या रानी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी झांसी के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष, मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि डॉ. यशोधरा शर्मा समन्वयक आईक्यूएसीए बुंदेलखंड विश्व विद्यालय झांसी, डॉ. बीबी त्रिपाठी राजकीय महिला महाविद्यालय झाँसी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। तत्पश्चात महाविद्यालय की छात्राओं शुभि कौशिक, सौम्या दुवे, आरजू, फहीम, खुशबू ताम्रकार एवं ऋचा गर्ग द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. टीआर निरंजन ने सभी अतिथियों का अपने शाब्दिक स्वागत किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डॉ. यशोधरा शर्मा ने नैक के समस्त पहलुओं पर विस्तृत दृष्टि डालते हुये कहा कि नैक का मुल्यांकन कराने से पहले महाविद्यालय की स्वयं की बेबसाइट गुणवत्ता से युक्त होनी चाहिए तथा उसका अपडेशन नित्यप्रति होते रहना चाहिए। विशिष्ट अतिथि डॉ. बीबी त्रिपाठी ने गीता के श्लोक से उद्बोधन प्रारंभ करते हुए नैक को समुद्र की श्रेणी में रखा तथा समस्त महाविद्यालयों को नदी का स्वरुप बताते हुए समुद्र से जुडने की बात कही। सिस्टम एनालिस्ट डॉ. नीरज गुप्ता ने पावर प्वाइंट प्रेजेटेशन को प्रोजेक्टर के माध्यम से नैक की विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विवरण दिया।
कार्यक्रम में मंचासीन महाविद्यालय के प्रबंधक हरीशंकर लोहिया मंत्री ओमशंकर अग्रवाल के साथ साथ प्रबन्ध कारिणी समिति के सदस्य प्रभूदयाल गौतम, केशव बबेले, प्रदीप शुक्ला, हरीराम निरंजन उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर वीरेन्द्र सिंह, अन्य महाविद्यालयों से डॉ. शैलजा गुप्ता, डॉ. अलका नायक, डॉ. राकेश नारायण द्विवेदी, डॉ. कुमारेन्द्र सिंह सेंगर, डॉ. प्रेम कुमार सुमन, डॉ. शिवकुमार पटेल, डॉ. अनूप निरंजन, डॉ. सावित्री गुप्ता, डॉ. सरोजलता गुप्ता, कन्हैया नीखर सहित कई गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। इस कार्यशाला को बेहतर बनाने में महाविद्यालय के राघवेन्द्र सिंह, डॉ, सुरेन्द्र सिंह, डॉ. विजय विक्रम सिंहए डॉ. हरिश्चन्द्र तिवारी, डॉ. मनोज तिवारी, डॉ. मधुरलता द्विवेदी, डॉ. राकेश वर्मा, डॉ. स्वराज्यमणि अग्रवाल, श्रीमती वंदना अग्रवाल, प्रदीप कुमार, रविकांत यादव, मनीष द्विवेदी, अक्षयवर नाथ मिश्रा, मनीष चैहान, सौरभ गुप्ता, प्रभांशु नगाइच, हरीमोहन पाल, बृजनारायण सिंह, अभिनव द्विवेदी, बृजेन्द्र मिश्रा, सुनील निरंजन, अभिषेक रिछारिया पुन्नी, बनमाली प्रजापति, पर्वत सिंह प्रजापति, राजेश कुमार, राकेश कुमार, जीतेन्द्र, अभिनय रायकवार, निशांत मिश्रा, पवन गौतम, शिवम बबेले, गोविंद आदि विभिन्न महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में रहे। कार्यक्रम का संचालन भूपेन्द्र त्रिपाठी अंग्रेजी विभाग ने किया। कार्यक्रम में आये हुए सभी अतिथियों का आभार महाविद्यालय की आईक्यूएसी के समन्वयक डॉ. जय शंकर तिवारी ने जताया।

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