उरई : चुनाव जीतने के पहले आर्थिक स्थिति भले ही कुछ रही हो लेकिन विधायक बनने के बाद माननीयों की संपत्ति में इजाफा हुआ है। मकान, प्लाट, जमीन आदि में इजाफा हो गया। पहले विधायक रह चुके जिन उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया है उनके संपत्ति के घोषणा पत्र में यह बात साफ नजर आती है।
वर्ष 2007 में कालपी विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी से छोटे ¨सिंह चौहान विधायक बने थे। उस चुनाव के नामांकन में उन्होंने अपनी संपत्ति 1 लाख नगद, एक हीरो हांडा बाइक, पत्नी के पास तीन तोला सोना, कृषि योग्य 5.17 हेक्टेयर भूमि और कालपी के टरनन गंज में एक मकान घोषित किया था। इस बार के चुनाव में उन्होंने अपनी आय के ब्यौरे में 6 एकड़ कृषि योग्य भूमि, 1 प्लाट गाजियाबाद में, 1 प्लाट लखनऊ में, 2 मकान कालपी में, 100 ग्राम सोना, पत्नी के पास आधा किलो के चांदी के जेवर, 250 ग्राम के सोने के जेवर, 11 एकड़ जमीन पत्नी के नाम पथरेहटा में दिखाई है। इसी तरह कालपी क्षेत्र की वर्तमान विधायक उमाकांति ¨सह ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में अपनी संपत्ति के विवरण में एक लाख रुपये नगद, पति के पास 1 लाख 30 हजार रुपये स्टेट बैंक खाते में, 21 हजार रुपये उमाकांति के नाम बैंक में और 15 हजार रुपये डाक घर में, वाहन कोई नहीं, पांच तोला सोना के जेवर, 28 हजार रुपये कीमत के चांदी के जेवर, पति के पास एक तोला सोना, अचल संपत्ति में .3930 हेक्टेयर कृषि भूमि, पति के पास 1.4660 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि, जोल्हूपुर मोड़ में खुद का मकान संपत्ति घोषित की थी। इस बात नामांकन करते समय उन्होंने अपने पास पचास हजार रुपये नगद, 10 तोला सोना, एक एकड़ जमीन, पति के पास 60 हजार रुपये नगद, एक तोला सोना और 20 एकड़ जमीन दिखाई है।







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