उरई। मौसम में भले ही अभी भी सर्दी बाकी हो पर राजनीकि गलियारों में इस समय काफी गरमी देखने को मिल रही है। एक तो पहले से ही राजनीतिक दल पल-पल पर अपना फैसला बदल रहे हैं दूसरी ओर सोशल मीडिया भी इन दलों की दिक्कतें बढ़ा रही है। कारण यह है कि सोशल मीडिया पर लगातार फर्जी खबरें वायरल हो रही हैं इसके चलते भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। इस बार के विधानसभा चुनाव कुछ अलग तरह के नजर आ रहे हैं। कारण यह है कि आखिरी समय तक राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियो को लेकर ठोस निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। नामांकन के दौरान भी प्रत्याशियों के बदलने का सिलसिला जारी है। हाल ही में बसपा व सपा द्वारा उरई सीट पर प्रत्याशियों का बदलाव किया गया है। अब सोशल मीडिया भी भ्रम फैलाने में बडी भूमिका निभा रहा है। सोशल मीडिया व्हाट्सएप व फेसबुक पर लगातार फर्जी खबरें वायरल हो रही हैैं। कभी टिकट बदलने तो कभी जिलाध्चक्ष बदलने की चर्चाएं सोशल मीडिया पर हो रही हैं। वहीं जिला प्रशासन इस पर अंकुश लगा पाने में नाकाम साबित हो रहा है। हाल ही में फिर से सपा के जिलाध्यक्ष व टिकट बदलने की खबर फिर सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इससे सपा कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। वहीं मतदाता भी असमंजस में नजर आ रहे हैं। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन भ्रामक खबरों के वायरल होने पर किस तरह अंकुश लगा पाता है?







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