उरई। बेरोजगारों की लडाई में हमेशा आगे रहने वाले जिले के युवा समाजसेवी व बीपीएड बेरोजगार संघ के जिलाध्यक्ष पवन शर्मा ने सोमवार को ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि वह बेरोजगारी के चलते काफी दिनों से मानसिक तनाव में चल रहे थे। हालांकि कुछ लोगों का कथन है कि हादसे में उनकी मौत हुई है। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शहर के मोहल्ला नया पटेल नगर करसान रोड निवासी पवन शर्मा (33 वर्ष) पुत्र ओमप्रकाश शर्मा ने सोमवार की दोपहर अजनारी फाटक के पास झांसी की ओर से आ रही टेन के आगे कूदकर जान दे दी। हादसे के बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने ट्रेन की पटरियों पर शव देखा तो इसकी जानकारी कोवताली पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। शिनाख्त कराए जाने पर इसकी पहचान पवन शर्मा के रूप में की गई। जानकारी के अनुसार पवन शर्मा बेरोजगारी के चलते बीते कई दिनों से मानसिक तनाव में चल रहे थे इससे तंग आकर उन्होंने खुदकुशी कर ली। हालांकि उनके संपर्क मेंं रहने वाले कुछ लोगों का कथन है कि उनकी मौत हादसे में हुई है। पुलिस ने शव को पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पवन शर्मा कई वर्षों से युवा बीएड बीपीएड बेरोजगार संघ के जिलाध्यक्ष थे और वर्तमान में वह माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के अध्यक्ष पद की भी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। बेरोजगारों के हितों में उरई से लेकर लखनऊ तक हुए कई आंदोलनों में उन्होंने बढ़-चढ़कर भाग लिया था और बेरोजगारों के लिए वह एक जाना पहचाना चेहरा बन चुके थे। पवन शर्मा की मौत से शिक्षक समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। इस हादसे पर शिक्षक नेता अशोक राठौर व अन्य शिक्षकों ने शोक जताते हुए कहा है कि पवन शर्मा की आकस्मिक मौत से शिक्षक समाज व बेरोजगार युवाओं को बड़ा धक्का लगा है। इसकी भरपाई करना मुश्किल है।

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