0 प्रत्याशी ऊहापोह में, जोड़तोड़ के खेल में जुट उम्मीदवार
0 अपने-अपने तरीके से मतदाताओं को लुभा रहे प्रत्याशी
उरई। विधानसभा चुनाव के मतदान की तिथि नजदीक आती जा रही है। मतदान में अब 15 दिन का समय बाकी रह गया है पर अभी तक मतदाताओं ने चुप्पी साध रही है। इससे प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। हालत यह है कि मतदाताओं द्वारा चुप्पी साध लेने से अभी तक चुनावी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है और प्रत्याशी जोड़तोड़ के खेल से जीत हासिल करने की जुगाड़ में लगे हैं। अब देखना यह है कि आखिरी समय तक मतदाताओं का रुझान किस ओर जाता है। बहरहाल अभी जिले की जो राजनीतिक स्थिति है उसमें किसी भी दल की कोई एकतरफा लहर चलती दिखाई नहीं दे रही है। इसके चलते प्रत्याशी जातीय समीकरण के सहारे चुनाव जीतने का दावा कर रहे हैं। जिले में 23 फरवरी को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गई है और अब प्रत्याशियों के अदल-बदल का खेल भी खत्म हो चुका है। सभी प्रत्याशी अपने अपने स्तर से चुनाव की तैयारियां कर रहे हैं पर इस बार के चुनाव कुछ अलग तरीके के नजर आ रहे हैं। इस बार जिले में किसी भी दल की कोई एकतरफा लहर नजर नहीं आ रही। इसके चलते प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को जीत के लिए खासी मशक्कत करनी पड रही है। वहीं मतदाताओं ने चुप्पी साध रखी है जिससे यह साफ नहीं हो पा रहा है कि आखिर चुनाव में किस दल की स्थिति ज्यादा बेहतर है। मतदाताओं द्वारा चुप्पी साधने और चुनावी तस्वीर साफ न हो पाने से असमंजस में आए प्रत्याशी अब जातीय समीकरण बैठाकर जीत की राह तलाशने में जुटे हैं। सभी प्रमुख दलों के प्रत्याशी अपने अपने स्तर से जातीय समीकरणों के आधार पर जीत का दावा कर रहे हैं। हालांकि इनके दावे कितने सही और कितने गलत साबित होते हैं यह तो आने वाला समय ही बताएगा। बहरहाल इतना तो तय है कि आखिरी समय में मतदाताओं का रुझान जिस दल की और बनेगा उसी दल के प्रत्याशी को जीत का स्वाद चखने को मिलेगा।
प्रत्याशियों के अदल-बदल का दौर हुआ खत्म
उरई। सोमवार को नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के अदल-बदल का दौर भी समाप्त हो चुका है। आखिरी दिन के नामांकन के कुछ घंटों पहले भी प्रत्याशियों के बदलने का दौर चलता रहा और आखिरी समय तक सपा ने उरई विधानसभा से अपने प्रत्याशी में बदलाव कर दिया। अब नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और प्रत्याशियों को लेकर चल रही ऊहापोह की स्थिति भी लगभग समाप्त हो गई है।






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