कोंच-उरई। मथुराप्रसाद महाविद्यालय, कोंच की प्रबंध कारिणी समिति के मंत्री जिनके पास कोषाध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी था, ओमशंकर अग्रवाल ने प्रभार से मुक्ति पा ली है। उनका कहना है कि ये प्रभार वह अनिश्चित काल तक वहन करना न केवल दिक्कत तलब है बल्कि संवैधानिक दृष्टि से भी अनुचित है लिहाजा वह इस प्रभार से मुक्त हो गये हैं।
कॉलेज में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि मथुरा प्रसाद महाविद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के निर्वाचित कोषाध्यक्ष अनिल कुमार निरंजन एवं प्रबंधक विजय कृष्ण निरंजन का स्वर्गवास हो जाने के कारण ये पद रिक्त चले आ रहे हैं। इन्हीं दोनों के हस्ताक्षरों से संयुक्त सोसाइटी के बैंक खाते संचालित होते हैं। प्रबंध समिति की 17 जुलाई 2016 को आहूत आपात बैठक के प्रस्ताव सं. 2 द्वारा कनिष्ठ उपाध्यक्ष हरीशंकर लोहिया को प्रबंधक का प्रभार दिया गया था। चूंकि स्ववित्तपोषित योजनांतर्गत प्राध्यापकों व कम्प्यूटर ऑपरेटर आदि के मानदेयों का भुगतान ये पद रिक्त हो जाने के कारण नहीं हो पा रहे थे, इसलिए प्रबंध समिति ने एजूकेशन सोसाइटी व एसएफएस के बैंक खातों का संचालन एक माह के लिए कनिष्ठ उपाध्यक्ष तथा मंत्री के हस्ताक्षरों से अधिकृत कर दिया, तत्पश्चात मानदेय और अन्य आकस्मिक व्ययों के भुगतान हों इसलिए प्रबंध समिति की बिशेष बैठक 26 अक्टूवर 2016 के प्रस्ताव सं. 02 द्वारा पुनः रिक्त पदों पर निर्वाचन होने तक खाता संचालन की उक्त व्यवस्था विस्तारित कर दी गई। चूंकि उक्त दोनों पद लगभग साढ़े आठ माह से रिक्त चल रहे हैं इस कारण अनिश्चित अवधि तक उनके द्वारा कोषाध्यक्ष पद के प्रभार पर बने रहना नैतिक एवं संवैधानिक रुप से उचित व विधि सम्मत नहीं है, लिहाजा वह कोषाध्यक्ष पद के अतिरिक्त प्रभार एवं दायित्व से खुद को मुक्त करते हैं।







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