उरई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा, बसपा और कांग्रेस को एक ही थैली का चट्टा-बट्टा बताया। उन्होंने कहा कि इनके शासनकाल में उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बदहाली का सामना बुंदेलखंड के लोगों को करना पड़ा है। बुंदेलखंड के विकास को पटरी पर लाने के लिए इस चुनाव में यहां के लोगों को इन पार्टियों का एक भी नमूना लखनऊ न भेजने का संकल्प लेना होगा।
मैकेनिक नगर में बनाये गये मैदान में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित करने के लिए खजुराहो एयरपोर्ट से हैलीकाॅप्टर से उड़कर सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने एक घंटे से भी अधिक समय तक भाषण किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरूआत बुंदेली में बोलकर लोगों को हंसाते हुए की।
उन्होंने भाषण में जमकर स्थानीय मुददे उठाये। उन्होंने कहा कि यह चुनाव किसी को विधायक या मुख्यमंत्री बनाने तक सीमित नही है। यह चुनाव बुंदेलखंड के लोगों के लिए एक बड़े फैसले का चुनाव है। उन्हें अपनी आत्मा से पूंछकर वोट करना होगा। बसपा हो या सपा-कांग्रेस गठबंधन इनका चक्कर छोड़कर वे उनकी पार्टी को चुने। जिसके एजेंडे में बुंदेलखंड का विकास सबसे ऊपर रहेगा। भाजपा की सरकार स्वतंत्र बुंदेलखंड विकास बोर्ड बनायेगी। जिसके काम काज का हर हफ्ते हिसाब सीधे मुख्यमंत्री के दफ्तर में लेने की व्यवस्था की जायेगी। भाजपा की सरकार बनने पर राज्य मंत्रिमंडल का पहला फैसला किसानों का कर्जा माफ करना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड के लिए अवैध खनन अभिशाप है। इसे रोकने के लिए सैटलाइट से अचूक निगरानी की व्यवस्था कराई जायेगी। गलत खनन जहां दिखेगा वहां पटटेदार का पटटा निरस्त कर उसे जेल भिजवाया जायेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी ने सपा, बसपा और कांग्रेस के नेताओं की पोल खोल दी। सपा और बसपा के नेता वैसे एक-दूसरे को फूटी आंखों नही सुहाते लेकिन नोटबंदी के विरोध में सभी एक स्वर से बोलते सुने गये। उन्होंने कहा कि नोटबंदी भ्रष्टाचार खत्म करके गरीबों को हक दिलाने के लिए उठाया गया कदम है। चाहे जितना विरोध हो, चाहे जितनी साजिशे हों वे गरीबों के लिए असाधारण फैसले लेते रहेंगें। उन्होंने व्यंग किया कि क्या उन्हें गरीबी जानने के लिए झुग्गी-झोपड़ी के टूर की जरूरत है। वे घनघोर गरीबी में पैदा हुए और पले-बढ़े। गरीबी का दर्द उनकी नस-नस में बसा है।







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