25orai01उरई। शुक्रवार को कालीदास स्कूल के पीछे मिले हैप्पी परिहार की हत्या के मामले में पुलिस ने हिरासत में लिए गये उसके दोस्त सौरभ याज्ञिक को आज जेल भेज दिया है। पुलिस कार्यालय में यह जानकारी देने के लिए बुलाई गई पत्रकार वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र शाक्य ने बताया कि हत्या की वारदात अचानक हुई। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक तफ्तीश में यह बात जानकारी में आई है कि सौरभ के घर घटना की रात पार्टी हुई थी जिसमें केवल हैप्पी और सौरभ शामिल थे। नशा ज्यादा हो जाने पर दोनों के बीच जब बहस हो गई तो गुस्से में हैप्पी ने जिस कुल्हाड़ी से सौरभ पर हमला करने की कोशिश की सौरभ ने उसी कुल्हाड़ी को छीनकर हैप्पी पर जबाबी वार कर दिया जिसमें हैप्पी की मौत हो गई। लेकिन यह मामला तब उलझ गया जब हैप्पी की मां ने कहा कि सौरभ उसके बेटे की हत्या नही कर सकता। उसके बेटे के मर्डर के तार बड़े सैक्स स्कैंडल से जुड़े हैं जिसमें सफेदपोश लोग शामिल हैं। इसलिए पुलिस दबाव में काम कर रही है।
खास बात यह है कि पत्रकार वार्ता में स्वयं सौरभ ने भी स्वीकार किया कि हत्या उसी ने की है और पुलिस को उसके घर से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व खून से सने हैप्पी के कपड़े बरामद हुए हैं। दूसरी ओर हैप्पी की मां अर्चना ने जो सवाल उठाये हैं वे मामले को पेचीदा कर देने वाले हैं जिनकी अनदेखी नही की जा सकती। अर्चना का कहना है कि सौरभ के लिए यह कैसे मुमकिन है कि वह अकेला हैप्पी के शव को ढोकर घर से दूर खाली प्लाट में फेक सकता।
अर्चना के मुताबिक सौरभ को वे अच्छी तरह जानती हैं। उसमें और हैप्पी में दांत कांटे की दोस्ती थी। वह हैप्पी से बहुत डरता भी था। उसके द्वारा हैप्पी की हत्या की जा सकती है यह बात वे किसी भी तरह नही मान सकतीं। उन्होंने कहा कि पहले वे जिस मकान में किराये से रहती थीं उसका संबंध बदनाम गैंग से था। उनके कारनामें पता चलने पर मैने घर बदल दिया जिससे वे लोग मुझसे नाराज हो गये। पहले हैप्पी नादानी में उनके लिए इस्तेमाल हो जाता था बाद में हैप्पी ने जब उनका काम करने से मना कर दिया तो हैप्पी को जान से मारने की धमकी दी गई। उनका कहना है कि हैप्पी की हत्या के पीछे गहरा षणयंत्र है। सौरभ को अंधेरे में रखकर उसके घर हैप्पी को बुलाकर जिन लोगों ने प्रत्यक्ष तौर पर उसकी हत्या की उनके नाम वे पुलिस को बता चुकी हैं लेकिन कई प्रभावशाली लोग उनसे जुड़े हैं जिनके दबाव की वजह से पुलिस कार्रवाई के नाम पर भटका रही है।
अर्चना घरों में काम करके खर्चा चलाती हैं। उन्होंने कहा कि गरीब हालत की वजह से वे दमदार पैरवी नही कर सकतीं। हालांकि एडीशनल एसपी ने कहा कि हैप्पी के परिजनों ने जिनके नाम लिए हैं उन्हें अभी क्लीन चिट नही दी गई है। वे जांच के दायरे में हैं। उन्होंने कहा कि हैप्पी की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई दूध का दूध और पानी का पानी करने वाली होगी।

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