उरई। अपर जिलाधिकारी आरके सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर परमार्थ समाजसेवी संस्थान के तत्वावधान में इंदिरा पैलेस विवाह गृह में ऐसी बात कह दी कि उपस्थित लोग चैंकते हुए हस पड़े।
एडीएम ने कहा कि यह मंच महिलाओं का है। फिर भी वे इस मंच पर बुलाये गये हैं इससे किसी को आपत्ति हो सकती है। इसको देखते हुए उन्हें स्पष्ट करना है कि वे इसके अधिकारी हैं। वजह यह है कि वे कन्या राशि में शामिल हैं। एडीएम की बात पहले तो लोगों ने गौर से सुनी लेकिन बात पूरी होने पर सभागार में ठहाके गूंज उठे।
एडीएम ने और भी मार्के की बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वैसे तो कहा जा रहा है कि जमाना काफी बदल गया है। लेकिन जब धरातल पर देखते हैं तो मालूम होता है कि लोग बेटे के मामले में उसकी शिक्षा के लिए कर्जा लेते हैं जबकि बेटी के मामले में कर्जा उसकी शादी के लिए लिया जाता है। उन्होंने कहा कि इंटर होते ही बेटी की पढ़ाई रोककर उसका ब्याह रचाने का काम चलता रहेगा तो कभी भी नही माना जायेगा कि जमाना बदल गया है। उन्होंने महिलाओं को भी नसीहत दी कि वे आगे बढ़ने का दोष पुरुषों पर थोपने तक सीमित न रहें। परिवार में वर्चस्व को लेकर होने वाले सास-बहू के झगड़े का उदाहरण हो या ऐसे ही अन्य उदाहरण महिलाएं खुद महिला के आगे बढ़ने में रुकावट पैदा करती हैं। महिलाओं को अपना दृष्टिकोण बदलकर एक-दूसरे को आगे बढ़ाने में योगदान करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता गांधी महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ. अलका नायक ने की जबकि अनिल सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया।

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