उरई। रामनवमी के जुलूस के दौरान गुरुवार को जालौन कस्बे में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब जुलूस में शामिल कुछ अतिउत्साही नौजवान निर्धारित रूट छोड़ कर दूसरे समुदाय के क्षेत्र में घुसकर जाने का प्रयास करने लगे। इससे दोनों समुदायों के आमने-सामने आने की नौबत आ गई।
एसडीएम शीतला प्रसाद यादव और सीओ संजय शर्मा ने सूझबूझ से काम लिया। उन्होंने किसी तरह दोनों समुदायों के समझदार लोगों को विश्वास में लेकर स्थिति संभाल ली। हालांकि बाद में फिर एक बार हालात बिगड़ने के आसार बन गये जब शरारती तत्वों ने जुलूस कुछ दूर आगे बढ़ने के बाद पुनः दूसरे समुदाय के क्षेत्र में घुसने की कोशिश की। उनकी जिद पर दूसरे समुदाय को लोग भी अपने पूजा स्थल के भीतर एकत्रित होकर जबावी मोर्चा लेने की तैयारी करने लगे। इस बार प्रशासन सख्त हो गया।
टकराव टालने मे सबसे अहम भूमिका जालौन के युवा पत्रकार विवेक मिश्रा ने निभाई। उन्होंने दोनों पक्षों को जालौन कस्बे का गौरवशाली माहौल कलंकित न होने देने के लिए समझाने में काफी मशक्कत की। बाद में प्रशासन ने भी माना कि अगर विवेक मिश्रा ने सार्थक प्रयास न किया होता तो शायद आज कुछ अनहोनी घट जाती।
उधर रामनवमी के जुलूस में आज जालौन में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। द्वारिकाधीश मंदिर से जुलूस शुरू हुआ और जितेंद्र सिंह छौलापुर वालों के मार्केट, झंडा चैराहा, छोटी देवी मंदिर, बिजली घर तिराहा, पुनः झंडा चैराहा, बस स्टैण्ड, तहसील, देवनगर चैराहा, कोतवाली, स्टेट बैंक चैराहा से बस स्टैण्ड होकर बाद में द्वारिकाधीश मंदिर पर वापस आकर जुलूस विसर्जित हो गया। जुलूस में हजारों की भीड़ रही। खास तौर से युवा इसमें बड़ी संख्या में भगवा साफी डालकर जयश्री राम के नारे लगाते हुए शामिल रहे। जुलूस के साथ सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा और जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह आदि प्रमुख भाजपा नेताओं ने भी पैदल पूरे रास्ते का भ्रमण किया। उरई चैराहा पर जुलूस में शामिल रामभक्तों को ठंडा पानी और शरबत पिलाने के लिए पुष्पेंद्र दूरवार, डैजी महाराज, दीपू पटेल, गुडडू महाराज, विक्रांत सोनी, अर्जुन कुशवाहा, दीपेंद्र गुर्जर, संजू व सुशील ने स्वयंसेवी स्टाॅल लगाया।

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