
उरई । कोटे की सामग्री नियंत्रित मूल्य पर राशन कार्ड धारकों को वितरित कराने की बजाय कालाबाजारी करके अपनी जेबें गर्म की जा रही हैं । लेकिन खबरदार हो जायें , यह धांधली कोटेदारों को महंगी पड़ सकती है । पूर्ति विभाग द्वारा ऐसे ही एक मामले में कोटेदार के ख़िलाफ़ आवश्यक वस्तु अधिनियम का मुक़दमा दर्ज कराया गया जिससे जिले भर में हड़कंप मच गया है ।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली अभी तक मजाक बनी हुई थी क्योंकि गरीबों का हक मार कर केरोसिन ,खाद्यान्न और चावल व शक्कर आदि नियंत्रित मूल्य की सामग्री की सरेआम ब्लैक कर दी जाते थी और ऐसी हर शिकायत को अधिकारियों की भी इसमें सांठगांठ रहने से डस्टबिन में डाल दिया जाता था पर अब ऐसी हरकतों के दिन लगता है कि लद गए हैं । योगी सरकार की इस मामले में मंशा को शब्द्श: लागू करने के लिए कटिबद्ध जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पाण्डेय ने उरई तहसील क्षेत्र के चकजगदेवपुर गाँव के कोटेदार विश्वनाथ सिंह के ख़िलाफ़ कोटे की ब्लैक की सही जाँच करा दी । जिसमें आरोपों की पुष्टि होने पर पूर्ति निरीक्षक रामस्वरूप ने कोतवाली उरई में विस्वनाथ सिंह के ख़िलाफ़ मुकदामा दर्ज करा दिया है । इस कारवाई से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के साफ़ सुथरे संचालन के लिए जिलाधिकारी ने एक ऐसी नजीर कायम की है जिससे सारे कोटेदार सहम गए हैं ।






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