उरई। प्रशासन ने बुधवार से राजमार्ग पर अतिक्रमण विरोधी अभियान का आगाज कर दिया। पहले दिन शहीद भगत सिंह चैराहे से घंटाघर तक बुलडोजर गरजा। इसमें नगर पालिका की तोड़फोड़ करने वाली गैंग कड़े इरादों के साथ जुटी रही। जिससे दुकानदार दहल गये। अभियान के दौरान सीओ सिटी और कुछ व्यापारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय के निर्देश पर राजमार्ग से अतिक्रमण हटाने का अभियान आज से पूरी कटिबद्धता के साथ छेड़ दिया गया। यह अभियान चरणबद्ध चलेगा। पहले दिन इसमें सबसे व्यस्ततम शहीद भगत सिंह चैराहा से घंटाघर तक का हिस्सा शामिल रहा।
जिलाधिकारी के सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी को निर्देश थे कि किसी के साथ कोई रियायत नही बरती जाये। पक्के अतिक्रमण करने वालों से वे पूरी सख्ती से पेश आयें तांकि पहले दिन ही साफ हो जाये कि अभियान औपचारिकता के लिए नही है। इसको देखते हुए शांति व्यवस्था की दृष्टि से उन्होंने पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था मौके पर रखने का अनुरोध पुलिस अधीक्षक से किया था। इसके अनुरूप पुलिस का भारी बंदोबस्त अभियान के दौरान दिखा।
नगर पालिका की गैंग ने सड़क पर बढ़ाकर तानी गईं टीन की चादरें उतार लीं। पक्के अतिक्रमण और काउंटर हटाने को लेकर कहा गया कि कल तक दुकानदार खुद यह इंतजाम कर लें वरना प्रशासन कोई मुरववत नही दिखायेगा। अतिक्रमण तोड़ा तो जायेगा ही उसकी तोड़फोड़ का खर्चा भी वसूल होगा। राजमार्ग के दूसरे इलाकों में भी आज से ही स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने की हलचल शुरू होती देखी गई। आम लोग अभियान में सख्ती से खुश दिखे। भगत सिंह चैराहे से घंटाघर तक के क्षेत्र में सड़क पर अधिकारियों की सेवा करने वाले मिठाई विक्रेताओं का आधिपत्य सा हो गया था जिससे आवागमन में होने वाली कठिनाई के कारण लोग खिन्न रहते थे। आज से ही सड़क काफी हद तक खुल जाने से आवागमन में राहत महसूस की जाने लगी है।

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