
उरई । जालौन जिले के कुठौंद थाना क्षेत्र में बीती रात एक गाँव में लगभग 30 लाख रुपये की चोरी से पूरे जिले में सनसनी फैल गई है । प्रारम्भिक सूचनाओं के अनुसार पीड़ित परिवार की गिनती क्षेत्र के सबसे बड़े रईस परिवारों में होती है जिसकी वजह चोरों को उनके यहाँ भारी मात्रा में सोने चांदी के जेवर हाथ लग गए । मौका मुआयना करने के बाद पुलिस ने घर के मुखिया को मुकदमा लिखाने के लिए तहरीर के साथ थाने बुलाया है ।
कुठौंद थाने की कंझारी चौकी के अंतर्गत खेरा जमलापुर गाँव में मंगलवार और बुद्धवार की दर्म्यानी रात अज्ञात चोर छत के रास्ते से रिटायर्ड शिक्षक राजन शुक्ला के घर दाखिल हो गए । उस समय राजन शुक्ला और उनका पूरा परिवार नींद में बेसुध सोया था जिसका फायदा उठाकर वे उनके तीन बक्से और सूटकेस उठा ले गए । बाद में घर से 100मीटर
दूर बगिया में बक्से तोड़ कर चोरों ने पूरा जेवर निकाल लिया । बक्से उन्होने मौके पर ही छोड़ दिये और लगभग 2 किलो सोना व 5 किलो चांदी का सामान सूटकेस में रख कर फरार हो गए । राजन शुक्ला क्षेत्र के पुश्तैनी रईस हैं । उनके घर में जब कई दशक पहले बटवारा हुआ था तो हिस्सा बाँट के लिए सोना , चांदी तराजू से तौलना पड़ा था । 2 साल पहले उन्होने अपने बेटे की शादी एक संपन्न घराने में की थी । शायद चोर उनकी पूरी हैसियत से अच्छी तरह वाकिफ थे । इसलिये पुलिस सरसरी तौर पर वारदात को ले कर परिचितों में से संदिग्ध को टटोल रही है ।
कुठौंद थाने के उप निरीक्षक एच एल वर्मा मौके पर छानबीन के लिए सूचना मिलते ही पहुँच गए थे । राजन शुक्ला ने उन्हे बताया कि कल रात गर्मी की वजह से उनका
पूरा घर रात के 12 बजे तक तो जागता रहा । इसके बाद जब हम लोग सो गए तो शायद पहले से छिप कर घात लगाये चोर मकान के पीछे बन रही दीवाल से होकर छत पर चढ आए । अंदाजा है कि इसके बाद उन्होने छत का जाल नीचे उतरने के लिए खोल लिया होगा । बक्से ले जाते समय उन्होने जीना के दरवाजे का इस्तेमाल किया ।
हाल के समय में कुठौंद इलाक़े में चोरी की यह सबसे बड़ी वारदात मानी जा रही है । सूबे की नई सरकार के अपराधियों को ले कर कड़े तेवर और जिले की पुलिस की पूरी चौकसी के वाबजूद हुई इस सनसनीखेज वारदात से यह साफ़ हो गया है कि अपराधी तत्व अभी अर्दब में नहीं आ पा रहे हैं । उन पर लगाम के लिए अभी और ज्यादा करना होगा ।
कंझारी चौकी का नहीं पुरसाहाल
कुठौंद थाने की कंझारी चौकी को दस्यु समस्या के दौर में पुलिस के लिए स्ट्र्रेटिक महत्व की जिले की सबसे बड़ी चौकी माना जाता था लेकिन अब इसका कोई पुरसाहाल नहीं है । कई सालों से इस चौकी में सिपाहियों की पोस्टिंग नहीं हो रही । उप निरीक्षक सोबरन सिंह यादव के तबादले के बाद से कोई चौकी इंचार्ज भी तैनात नहीं किया गया है जबकि दूरस्थ होने से आज भी यह क्षेत्र शातिर अपराधियों में सबसे सुरक्षित पनाहगाह के बतौर गिना जाता है ।






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