कोंच-उरई। केन्द्र में सत्तासीन होते ही जिस तरह से मोदी सरकार के रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बुंदेलखंड जैसे पिछड़े इलाके में दो रेल परियोजनाओं की घोषणा कर यहां के बाशिंदों में रेल विकास की उम्मीद की नई किरण जगाई थी वह धीरे-धीरे बुझने की कगार पर है क्योंकि दो साल बीत जाने के बाद भी इन परियोजनाओं को बजट के दौरान चर्चा से दूर रखा गया है उससे इलाकाई बाशिंदे काफी मायूस हैं। बीते कल बुंदेलखंड-चंबल गौरव यात्रा पर जिले के गोपालपुरा में आये भिंड सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद से यहां के समाजसेवी सुनील लोहिया ने मुलाकात की और भिंड-कोंच रेल परियोजना को आगे बढाये जाने पर चर्चा करते हुये उनसे मांग की कि इस परियोजना के लिये स्वीकृत 1 हजार 600 करोड़ रुपये केन्द्र सरकार से अवमुक्त कराने के लिये प्रभावी पहल करने की मांग की। ज्ञातव्य है कि इस भिंड-कोंच रेल परियोजना का सूत्रधार भिंड सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद को ही माना जाता है और यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट भी है लिहाजा उनसे ही इस मामले में जबर्दस्त पैरोकारी की उम्मीद करना लाजिमी है।

Leave a comment