उरई। मानदेय की मांग को लेकर 18 जुलाई को लखनऊ में आयोजित विधानसभा घेराव की भनक पाकर कोतवाली पुलिस ने बीती रात करीब आधा दर्जन शिक्षक नेताओं को दबिश देकर उनके घर से उठा लिया और पुलिस लाइन ले गई, जहां मंगलवार दोपहर बाद उन्हें छोड़ दिया गया। हालांंकि पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की वजह से वे लखनऊ में आयोजित विधानसभा घेराव में शामिल नहीं हो सके। शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार उनकी आवाज को दबाना चाहती हैं। इसी के चलते उन्हें पुलिस ने रात में दबिश देकर घरों से उठा लिया।
बता दें कि प्रदेश सरकार द्वारा वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय पर रोक लगाए जाने की वजह से प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार 18 जुलाई को लखनऊ में विधानसभा का घेराव निर्धारित किया गया था। घेराव में शामिल होने के लिए मंगलवार सुबह वित्तविहीन शिक्षक नेताओं को लखनऊ जाना था, लेकिन जैसे ही कोतवाली पुलिस को शिक्षक नेताओं के घेराव में बढ़चढ़ हिस्सेदारी लेने के लिए शहर से जाने की खबर लगी तो हरकत में आई पुलिस ने शहर के विभिन्न स्थानों पर शिक्षक नेताओं के घर पर दबिश दी और आधा दर्जन शिक्षक नेताओं में नारायण हरि अवस्थी, दीपक पांडे, जितेंद्र काजू, राजीव निरंजन, लला महाराज,्र लक्ष्मीकांत दीक्षित को उठाकर पुलिस लाइन ले गई, जहां पुलिस ने रात भर उन्हें लाइन में रखने के बजाए मंगलवार दोपहर को सभी को छोड़ दिया गया। हालांकि शिक्षक नेताओं ने कहा कि मानदेय पर रोक लगाकर शासन ने वित्तविहीन शिक्षकों के साथ अन्याय किया हैं, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।







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