उरई। आटा पुलिस की लापरवाही के चलते फरार चल रहे आरोपियों द्वारा आये दिन मृतिका के पिता को जानमाल की धमकियां देने का मामला प्रकाश में आया है और पीड़ित ने हत्यारोपियों की अबिलंव गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में स्थानीय मोहल्ला नया पटेल नगर बघौरा चुर्खी रोड उरई निवासी सरयू प्रसाद दोहरे पुत्र मोतीलाल ने बताया कि उनकी पुत्री अर्चना की शादी लगभग बीस वर्ष पूर्व मुहर सिंह पुत्र गुरदयाल निवासी अकबरपुर इटौरा थाना आटा के साथ हुई थी। शादी के पंद्रह वर्ष पहले अर्चना का दाम्पत्य जीवन सुखमय रहा। लेकिन पिछले चार पांच वर्ष पूर्व से अर्चना के मकान के सामने वाले नीलम पत्नी बक्कड़ पुत्र हीरामन से दामाद मुहर सिंह के अवैध संबंध थे। अर्चना ने मुहर सिंह को बहुत समझाया लेकिन उसमे कोई सुधार नही हुआ उल्टे अर्चना को शराब पीकर मारने पीटने लगा। तब पुत्री ने मायके आकर पूरी जानकारी दी। तब प्रार्थी ने दामाद मुहर सिंह व ससुर गुरदयाल भास्कर, भतीजा बीरेन्द्र भास्कर, जेठगोविंद नारायण को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह गालीगलौज करने लगे और मुहर सिंह, महाराज सिंह, नीलम, सुमन पत्नी सुबोध सब ने मिलकर शराब पीकर मेरी पुत्री अर्चना की फिर से मारपीट की। 28 मार्च 2017 को शाम के समय गुरदयाल सहित उपरोक्त सभी लोगों ने एक राय होकर मेरी पुत्री को आग से जलाकर जान से मार डाला। सूचना मिलने पर जब प्रार्थी पुत्री के ससुराल पहुंचा तो पुत्री जली हुई मृतावस्था में पड़ी थी और ससुराल के सभी लोग मौके से भाग गए थे। उसे उपचार के लिए अस्पताल भी नही ले गए। मृतिका के पिता सरयूप्रसाद ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि मेरी पुत्री अर्चना की हत्या दामाद की बदचलनी एवं उसके नीलम एवं सुमन नामक महिला के साथ अवैध संबंधों के कारण की गई है। जिसकी लिखित शिकायत 30 मार्च को आटा थाने में दी गई लेकिन एफआईआर दर्ज नही की। तब पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र भेजा लेकिन कोई कार्यवाही न होने पर मजबूर होकर उसे जिला न्यायालय में वाद प्रस्तुत करना पड़ा जहां मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट उरई के निर्देश पर पुलिस ने धारा 147,149,302,498 ए, के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। लेकिन न्यायालय के तमाम निर्देश के बाद भी आटा पुलिस केवल एक आरोपी मुहर सिंह को गिरफ्तार कर पायी है। जिसके चलते मामले के फरार चल रहे हत्यारोपी गुरदयाल भास्कर, महाराज सिंह, नीलम, सुमन, सुबोध पुत्र शंकर दयाल के द्वारा लगातार मुकदमा वापस न लेने पर जानमाल की धमकियां दी जा रही है। मृतिका के पिता ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाते हुए बेटी के हत्यारों को गिरफ्तार कर उसके एवं परिवार के सदस्यों की जानामाल की सुरक्षा की मांग की है।






Leave a comment