उरई। देखरेख के अभाव में लाखों की खर्च से संचालित की गई ग्रामीण इलाकों में पेयजल परियोजनाओं का बुरा हाल है। लापरवाही का आलम यह है कि कहीं पर नलकूप खराब हैं तो कहीं पर पानी की टंकी ही प्यासी है। कुठौंद ब्लाक के गांव बावली हो या फिर शहरी क्षेत्र के नया राम नगर, पटेल नगर, तुलसी आदि जहां पर पिछले वर्ष लाखों की लागत से स्थापित टंकी प्यास हैं। नलकूप के जरिए उसमें पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है। इससे आसपास की बस्ती में लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रही है। टंकी शोपीस बनी होने से लोगों में आक्रोश है। इलाकाई लोगों ने जलसंस्थान के अफसरों पर लापरवाही का आरोप मढ़ा। इसके साथ ही जिला प्रशासन को शिकायती पत्र भेजकर इस बाबत जानकारी दी है। समस्या का निस्तारण कराए जाने की भी मांग की।
बताते चले कि कुठौंद ब्लाक के गांव बावली में आसपास के लोगों को पानी की परेशानी न हो, लिहाजा करीब पांच लाख की लागत से टंकी स्थापित कराई गई। टंकी को भरने के लिए नलकूप भी लगाया गया। लेकिन हैरत की बात तो यह है एक साल से अधिक बीत गया हैं, लेकिन अब तक टंकी चालू नहीं हो सकी है और न ही नलकूप से टंकी में पानी भरा जा रहा है। इससे आसपास के लोगों को पीने का पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है। नरपाल सिंह, अजय दीक्षित, नागेंद्र सिंह, सुनील, राजेश विश्वकर्मा आदि ने जलसंस्थान के अधिकारियों पर आरोप लगाया है। कहा कि एक साल पहले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्यकाल में करीब पांच लाख की लागत से टंकी स्थापित हुई। टंकी बनने से इलाकाई लोगों में खुशी थी, लेकिन काफी इंतजार के बाद भी टंकी चालू नहीं हो सकी। आरोप है कि जलसंस्थान के अधिकारी व कर्मचारी इसमें लीपापोती करने में जुटे हुए है। जिलाधिकारी को भी शिकायती पत्र भेजा हैं, इसमें एक साल से शोपीस खड़ी टंकी को चालू कराने की मांग की।






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