उरई। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य एवं उप्र सरकार के पूर्व कृषि मंत्री चै. शंकर सिंह का तेरहवां परिनिर्वाण दिवस आज समाजवादी पार्टी के इकलासपुरा रोड स्थित जनपदीय कार्यालय पर मनाया गया जिसमें उनके जीवन पर आधारित गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह दादी ने कहा कि चौधरी शंकर सिंह का संपूर्ण जीवन एक बेदाग राजनैतिक व्यक्तित्व के रूप में जनपद ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के राजनैतिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उन्होंने कहा कि उनके जैसा निर्भीक एवं स्पष्ट वक्ता मिलना आज के समय में मुश्किल है। एक उच्च घराने के होने के बावजूद भी जीवन पर्यंत गरीब असहायों के साथ मजबूती से खड़े रहे और उनकी आवाज को क्षेत्र से लेकर प्रदेश की विधान सभा तक उठाते रहे और जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं करा लिया वे शांत नहीं बैठे। पूर्व प्रधानाचार्य नवाब सिंह यादव ने कहा कि चैधरी साहब कभी न थकने वाले एक निर्भीक योद्धा थे। उन्होंने अपना राजनैतिक जीवन सन् 1967 में महेबा ब्लाक के ब्लाक प्रमुख के रूप में शउरू किया और कालपी विधान सभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे एवं मुलायम सिंह यादव मंत्रिमंडल में कृषि मंत्री के रूप में एक सफल कार्यकाल चलाया और कालपी क्षेत्र के बीहड़ क्षेत्र में सड़कों के निर्माण से लेकर सिंचाई के लिए हजारों ट्यूबवेल लगवाने का कार्य किया। इसके अलावा संपूर्ण जनपद में अनेकों बार पदयात्राएं एवं जनजागरण यात्राएं निकालने का कार्य किया। चैधरी साहब की ईमानदारी एवं स्वच्छ राजनैतिक व्यक्तित्व की चर्चा मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा तक में की थी। गोष्ठी को प्रमुख रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष विष्णुपाल सिंह नन्नू राजा, पूर्व विधायक शिवराम सिंह कुशड्ढवाहा, अशोक गुप्ता, तारिक अनवर रहमानी, वीरेंद्र सिंह यादव, रामरतन प्रजापति, भानु राजपूत, भानु वर्मा ने भी संबोधित किया। गोष्ठी में प्रमुख रूप से नत्थू सिंह कुशवाहा, चुन्ना हुसैन, तेजप्रताप यादव, मु. तारिक, पुष्पेंद्र यादव, रामकुमार बोहदपुरा, दीपू यादव, जमालुद्दीन पप्पू, शिवेंद्र सिंह, संजय यादव, मुलायम सिंह, अशरफ मंसूरी, मु. शाहिद, राहुल याज्ञिक, ज्ञानेंद्र सिंह निरंजन, राघवेंद्र यादव, साबिर मंसूरी, देवेंद्र यादव, राजपाल, मयंक कुशवाहा, रामेंद्र त्रिपाठी, मनोज कपासी आदि मौजूद रहे।






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