उरई । जालौन में लंबे समय से अप्रासांगिक कांग्रेस को शाकिर हसन वारिसी की उम्मीदवारी ने मुख्य मुकाबले में ला दिया है जिससे स्थानीय कांग्रेसी फूले नहीं समा रहे हैं ।

पत्रकार से नेता बने शाकिर की लोकप्रियता का सुबूत पिछले कई चुनाव में अपने वार्ड में अंगद के पाँव की तरह उनका जमा रहना है । नगर में बहुजन समाज पार्टी की पहचान उनसे थी लेकिन आत्मघात पर उतारू बहुजन समाज पार्टी ने अध्यक्ष पद के लिए उनकी 2 साल से जोरदार तैयारियों को अनदेखा कर दिया । शाकिर को सहानुभूति लहर का पूरा फायदा मिल रहा है । घर बैठे कांग्रेसी तक नया माहौल देख कर लंबे समय बाद फिर मैदान में उतर आए हैं । पार्टी के जोश में नेताओं की गुटबंदी के सारे गिले शिकवे भी फ़ना हो गए हैं ।

जालौन में लंबे दौर के बाद यह पहली बार है जब कांग्रेसियों को मतगणना और मतदान के दिन का उम्मीद भरा इंतज़ार है ।

 

 

 

 

 

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