• कस्बे में 637 लोगों को दिया गया पैसा, आधी भी नहीं बन सकीं हैं लैट्रिन

कोंच-उरई। आज गुलाबी गिरोह के साथ पालिका पहुंची महिलाओं में तमाम ऐसी थी जिन्होंने शौचालय के लिये आवेदन किया था लेकिन उन्हें पैसा रिलीज नहीं किये जाने के कारण उनके शौचालय निर्माण प्रक्रिया में ही नहीं आ पा रहे हैं। हालांकि पालिका ने 637 लोगों को शौचालय बनाने की योजना के तहत चार हजार रुपये की पहली किश्त जारी कर दी थी लेकिन अभी तक आधे से ज्यादा लाभार्थियों ने शौचालय निर्माण शुरू करने में ही दिलचस्पी नहीं दिखाई। ऐसी स्थिति में किस तरह खुले में शौचमुक्त भारत की अवधारणा को पंख मिल सकेंगे, यह बाकई दिलचस्प सवाल तो है ही।

आज दर्जनों महिलाओं ने पालिका जाकर जब शौचालय के लिये पैसा दिये जाने की मांग उठाई तो पालिका ने पूरी तरह से हाथ खड़े कर दिये। पालिका की ओर से उन महिलाओं को बताया गया कि पहले अपने पैसे से शौचालय बनाओ और उसकी सूचना पालिका को दो तब पालिका का आदमी जाकर उसकी फोटोग्राफी करायेगा और इसके बाद ही उसे पैसा एक मुश्त मिलेगा। इस नये नियम ने आवेदन कर्ताओं का सिर चकरा कर रख दिया है क्योंकि यदि उनके पास पैसा ही होता तो उन्हें पालिका या सरकार के आगे हाथ फैलाने की जरूरत ही क्या थी। आवेदनकर्ता महिलाओं मालती, आसिया, सोमवती आदि का कहना है कि उन्हें आवेदन किये कई महीने हो गये हैं और वह इस इंतजार में थी कि उन्हें पहली किश्त चार हजार की मिलेगी तो वे अपना शौचालय बनवाना शुरू करें लेकिन यहां तो पहाड़े ही उल्टे पढे जाने लगे हैं। वह नितांत गरीब हैं और उनके पास पैसा नहीं है तभी तो आवेदन किया था। पालिका के सेनेट्री इंसपेक्टर अभयसिंह बताते हैं कि पालिका ने 637 लोगों को शौचालय बनाने के लिये पहली किश्त के चार हजार रुपये दे दिये हैं लेकिन अभी भी इनमें चार सौ लोगों ने अभी तक काम ही नहीं शुरू किया। इन लोगों को दो बार नोटिस भी भेजे जा चुके हैं लेकिन उनकी ओर से सकारात्मक जबाब नहीं मिला है। पालिका की ओर से डीएम से अनुमति मांगी जा रही है और जैसे ही अनुमति मिलती है, उन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जायेगी।

 

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