उरई। लाखों रुपये की लागत से तैयार होम्योपैथिक अस्पताल सफेद हाथी बनकर रह गया है। जिससे लोगों में रोष छाया हुआ है।

ब्लाक कुठौंद के ग्राम जखा में सन 2011 में सोलह लाख रुपये की लागत से होम्योपैथिक अस्पताल का निर्माण कराया गया था। जिसमें चार कमरे हैं। मघापुर, मल्थुआ, गहपुरा, जहटौली, गिगौरा, अकबरपुर, मड़ैया, रायपुर, जीतामऊ, खोड़न, टिकरी आदि 25 गांव इसके द्वारा सेवित होते हैं। शुरू में इस अस्पताल से क्षेत्र के बीमार लोगों को उपचार की बेहतर सेवाएं मिलीं। लेकिन इसके बाद डाक्टर के अभाव में यह अस्पताल सफेद हाथी बन गया। तीन सालों से इस अस्पताल में ताला पड़ा हुआ है। जबकि ग्रामीण अस्पताल खुलवाने के लिए बार-बार अधिकारियों को ज्ञापन भेज रहे हैं।

अधिकारियों की अनदेखी से ग्रामीणों का धैर्य अब जबाव देने लगा है। गंगा प्रसाद, कालीचरण, राकेश, जयपाल, अखिलेश, शकील अहमद, आनंद तिवारी, तेज बहादुर राठौर, बृजेंद्र सिंह ने रोष भरे लहजे में कहा कि जब तक धरना प्रदर्शन नही किया जाये तब तक शासन-प्रशासन समस्यायें हल करने का प्रयास नही करता। इसलिए हम लोग अब इस मुददे पर 25 दिसम्बर से आंदोलन छेड़ने की रूपरेखा बना रहे हैं। जिससे व्यवस्था बिगड़ती है तो अधिकारी जिम्मेदार होगें।

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