उरई। प्रभारी जिलाधिकारी/अपर जिलाधिकारी गुलाबचन्द्र एवं मुख्य विकास अधिकारी  एसपी सिंह की उपस्थिति में भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह के जन्म दिवस को किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाया गया । शनिवार को इस उपलक्ष्य में राजपाल रिसोर्ट में किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का आयोजन हुआ जिसमे कृषि विभाग, पशु पालन विभाग, दुग्ध विकास विभाग, उद्यान विभाग के द्वारा अच्छा उत्पादन करने पर आठ-आठ किसानों को नकद पुरस्कार और  शाल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया  गया।

प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह किसानो के मसीहा कहे जाते है । उन्होंने एक कृषक के घर में जन्म लिया था और उन्होंने किसानो की समस्याओं को बहुत नजदीक से समझा था। इसीलिए उन्होंने जीवन पर्यन्त किसानो के हितार्थ कार्य किये। वह जहां भी जिस पद पर रहे उन्होंने किसानो का हित देखा। इसीलिए शासन उनके जन्म दिवस को किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से जिला प्रशासन किसानो की समस्याओं से रूबरू होता है और उनके निराकरण के लिए सतत प्रयास करता रहता है।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह का जन्म 23 दिसम्बर 1902 को  मेरठ जनपद में हुआ था। इसी दिन को पूरे प्रदेश में किसान सम्मान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसमे कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा उत्पादन करने वाले किसानो को सम्मानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि आप लोगो की सबसे बड़ी समस्या पशुओं के अन्ना रहने और फसलो को नष्ट करने की है इसके लिए शासन स्तर से गौशालायें संचालित की जा रही है जिन्हें आगे और भी विकसित किया । उन्होंने कहा कि अगले सम्मान दिवस से चयनित सम्मानित होने वाले किसानो के बारे में सभी को पूर्ण जानकारी दी जायेगी जिससे यह भी सुनिश्चित होगा कि उनके द्वारा वास्तव में जनपद में कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में सबसे अधिक उत्पादन किया गया  है। इससे पारदर्शिता भी सामने आयेगी।

विधायक उरई गौरीशंकर वर्मा, मूलचन्द्र निरंजन व नरेन्द्र सिंह जादौन ने अपने सम्बोधन में कहा कि उ.प्र. की योगी सरकार किसानो के प्रति बहुत संवेदनशील है और उनकी प्रत्येक समस्या को बहुत गम्भीरता से लेते हुए उनके निराकरण की तुरन्त पहल करती है। जनपद की अन्ना पशु प्रथा को शीघ्र ही ख़त्म  किया जायेगा। कार्यक्रम में बलराम लम्बरदार, राजवीर सिंह जादौन, साहब सिंह चौहान ने भी किसानो की समस्याओं को उठाया और उनके निराकरण की बात कही। उप निदेशक कृषि अनिल कुमार पाठक ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी आगन्तुकों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी राममिलन सिंह, अधिशासी अभियन्ता, सिंचाई द्वितीय राकेश वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहें।

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