उरई। निजी कार्य के लिए 10 ट्राली तक मिटटी के खनन पर रायल्टी वसूल नही की जायेगी। हालांकि इसके दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए राजस्व और खनन अधिकारी के स्तर से कड़ी निगरानी के प्रावधान भी इसमें किये गये हैं।
मिटटी के अवैध खनन को रोकने की आड़ में हो रहे किसानों के उत्पीड़न ने सरकार के लिए गंभीर मुददे का रूप धारण कर लिया था। विधान मंडल के सत्र में भी इस मुददे पर सरकार को विपक्ष के तीखे तेवरों का सामना करना पड़ गया था। इसके बाद शासनादेश जारी किया गया है कि छोटे-मोटे गृह निर्माण, कुम्हारी व मत्स्य पालन आदि के लिए 10 ट्राली तक मिटटी का खनन ग्रामीण कर सकते हैं।
अपर जिलाधिकारी आरके सिंह ने बताया कि इसके लिए निर्धारित प्रारूप पर आवेदन देकर पहले अनुमति प्राप्त करनी होगी। यह आवेदन जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी और खण्ड विकास अधिकारी स्तर पर दिया जा सकेगा। आवेदन में प्रार्थी का नाम, मोबाइल नंबर, मिटटी की मात्रा, मिटटी डालने का स्थान, किस कार्य के लिए मिटटी का उपयोग होना है उसका जिक्र, मिटटी परिवहन की अवधि, मिटटी के निकासी स्थल से गंतव्य स्थल तक की दूरी और ट्रैक्टर के मालिकाना आदि ब्यौरा अंकित करना पड़ेगा।
आवेदन दो प्रतियों में दिये जायेगें। एक प्रति को मंजूरी के बाद आवेदक को उपलब्ध करा दिया जायेगी तांकि जांच होने पर वह दिखा सके। एसडीएम, तहसीलदार व खनिज अधिकारी देखते रहेगें कि इस तरह की खनन अनुमति की आड़ में कोई धांधली तो नही हो रही।

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